विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रेरक आयोजन

कोरबा 16 नवम्बर। छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के स्टेट प्लान आफ एक्शन के अनुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ.ग.) के निर्देशानुसार कस्तुरबा गांधी आवासीय कन्या छात्रावास में एक प्रेरक विधिक जागरूकता एवं बाल अधिकार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चो को उनके संवैधानिक अधिकारो, सुरक्षा कानूनों एवं कानूनी संरक्षण की जानकारी देना रहा।

इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण श्रीमती सोनी तिवारी, प्रथम व्यवाहर न्यायाधीश, वरिष्ट श्रेणी कोरबा, सुश्री कुमुदनी गर्ग व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ट श्रेणी कोरबा, सुश्री त्राप्ति- न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी कोरबा, सुश्री ग्रेसी – न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी कोरबा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

श्रीमती सोनी तिवारी ने अपने उद्बोधन में बच्चों को कानूनी समझाईस देते हुए पास्को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम-2012 पोस्को एक्ट का संक्षिप्त रूप में परिचय देते हुए और यौन शोषण और यौन उत्पीडन से बचने के लिए प्रेरित किया। यह कानून भारत में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं यौन अपराधियों को कड़ी सजा देने के लिए एक कडी कानून है, इसके अंतर्गत बच्चों की परिभाषा सहमति की उम्र, व्यापक परिभाषा, सख्त सजा, पुलिस की जिम्मेदारी, सरल अनुकूल आदतों के साथ साईबर अपराध के बारे में जैसे- मोबाईल तकनीको का प्रयोग करके व्यक्तिओं कंपनियों या संस्थानों को लक्षित करने वाले अपराधिक कृत्य जैसे- हैकिंक, फिसिंग, पहचान की चोरी, फिरौती मांग, साईबर स्टाकिंग, के संबंध में अपने उद्गार व्यक्त किये।

सुश्री कुमुदनी गर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा कि वाहन अधिनियम कानून के बारे में बताते हुए जो सड़क वाहनों को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुरक्षित करना एवं यातायात नियमों का पालन करना इसके साथ लाईसेन्स और पंजीकरण तथा यातायात नियम, बीमा और देयता अधिसूचना संशोधन एवं दण्ड़ के बारे में बताते हुए शारीरिक मानसिक प्रताड़ना शारीरिक या मानसिक रूप से कष्ट से बचने भारतीय दण्ड प्रक्रिया सहिता में निहित धारा 498ए और धारा 304बी जिसमें कानूनों जो विवाहित महिलाओं को पति या ससुराल वालों से की गई क्रुरता या दहेज मांग से सुरक्षा प्रदान करता है इसके साथ दहेज अधिनियम और घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम की जानकारी प्रदान की गई। कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीडन रोक थाम और निवारण अधिनियम के बारे में विस्तार से बाल दिवस के अवसर पर बालिकों को अपने उद्बोधन में विशिष्ट ज्ञान रूपि उद्गार व्यक्त किये।

बाल दिवस के अवसर पर बालिकाओं के लिए बाल मेला एवं आनंद मेला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं के परिजनों को सम्मिलित कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों के अलावा पैरालीगल वॉलेटियर्स रमाकांत दूबे, गोपाल चन्द्रा, सतीश यादव, वंदना चन्दोषा सहित कस्तूरबा गॉधी कन्या आवासीय छात्रावास की शिक्षिकाओं सहित समस्त स्टाफ एवं छात्राओं के परिजन उपस्थित रहे।

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