धान खरीदी प्रभावित करने की कोशिश, सरकार ने 7 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

सक्ति, छत्तीसगढ़। प्रदेश में आज से धान खरीदी 2025-26 की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन इससे ठीक पहले सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सहकारी सेवा समिति के सात कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों पर धान खरीदी की प्रक्रिया में बाधा डालने और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगे थे।सरकार ने प्रदेश में हाल ही में लागू किए गए एस्मा (ESMA) कानून के तहत यह कड़ी कार्रवाई की है, जिससे सहकारी समितियों में हड़कंप मच गया है।
धान खरीदी शुरू, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर से प्रदेशभर के 25 लाख से अधिक किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू कर रही है। सरकार का कहना है कि खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जिला स्तर पर पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।इस बीच, सहकारी समिति के कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी थी। इससे धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही थी। इसी कारण सरकार ने कड़ा रुख अपनाया और प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया।
7 कर्मचारियों की सेवा समाप्त, दिया गया कड़ा संदेश
सक्ति जिले के सात सहकारी समिति कर्मचारियों को निलंबित नहीं, बल्कि सीधे सेवा से बर्खास्त किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि:
- कर्मचारियों ने धान खरीदी प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न किया
- शासन के आदेशों का पालन नहीं किया
- एस्मा लागू होने के बाद भी हड़ताल जारी रखी
प्रशासन का यह निर्णय बाकी आंदोलनकारी कर्मचारियों के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
एस्मा लागू—कर्मचारियों को हड़ताल से रोका जाएगा
राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था तथा धान खरीदी सिस्टम को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से ESMA लागू कर दिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। एस्मा लागू होने के बाद:
- कोई भी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकेगा
- आदेश का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी
- आवश्यक सेवाओं में अवरोध पैदा करना दंडनीय अपराध होगा
किसानों पर असर की चिंता, सरकार ने दिए सख्त निर्देश
धान खरीदी छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक अवसर है। कर्मचारियों की हड़ताल और अव्यवस्था से किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने कड़ाई बरतते हुए सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है।
