आदेश पर भी नहीं हटे बीआरसी, गुलाब दास के खिलाफ फिर मोर्चा

कोरबा 17 अक्टूबर। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड स्थित शिक्षा विभाग के बीआरसी गुलाब दास महंत को पिछले दिनों जांच के बाद हटाते हुए मूल पदस्थापना सिंघिया में काम संभालने कहा गया था। उनके हौसले इतने मजबूत हैं कि सरकारी आदेश को किनारे करते हुए वे अभी भी यहां पर जमे हुए हैं। इससे नाराज संकुल समन्वयकों ने कहा है कि अगर यही चलता रहा तो वे काम नहीं करेंगे और न ही कोई सहयोग करेंगे।
उन्होंने इस बारे में विकासखंड शिक्षा अधिकारी पोड़ी उपरोड़ा को विधिवत पत्र भेज दिया है। संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ की ओर से इस बारे में बीईओ को पत्र लिखा गया है। इसमें अविलंब बीआरसीसी महंत को हटाने की मांग की गई। कहा गया कि सरकार ने उसे यहां से हटाने के आदेश दिए हैं लेकिन अब तक कार्यमुक्त करने में पता नहीं क्यों रूचि ली जा रही है। याद रहे 26 सितंबर को शिक्षा विभाग मंत्रालय के द्वारा एक आदेश के तहत गुलाब दास को पोड़ी उपरोड़ा से हटाते हुए मूल पदस्थापना शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिंघिया के लिए पदस्थ किया गया। संगठन का कहना है कि इस आदेश का पालन अब तक नहीं कराया गया है। इस वजह से गुलाब दास की हरकतें जस की तस बनी हुई है। संगठन का कहना है कि यह स्वेच्छाचारिता के साथ-साथ मनमानी का जीता-जागता नमूना है। इससे संदेश जाता है कि बीआरसीसी जैसे लोग विभागीय अधिकारियों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि अगर गुलाब दास महंत को यहां पर ही काम करना है तो उनके साथ कोई भी संकुल समन्वयक काम नहीं कर पाएगा, क्योंकि वे वसूली से त्रस्त हो गए हैं।
बीईओ पांडेय की जांच रिपोर्ट पर हुई थी कार्रवाई
विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के अनेक संकुल समन्वयकों के द्वारा पिछले महीने एक विस्तृत शिकायत जिला प्रशासन और शिक्षा अधिकारी के पास की गई थी। इसमें कहा गया था कि विभिन्न कार्यों के नाम पर बीआरसीसी को रुपए चाहिए। कभी वे सीधी मांग करते हैं तो कभी दूसरे के जरिए। रुपए नहीं मिलने पर कई कार्यों में अड़ंगा लगाने की कोशिश भी करते हैं और धमकी देते हैं। इस शिकायत पर करतला विकासखंड शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने जांच की। शिकायतकर्ताओं के बयान लिए गए। जांच प्रतिवेदन सौंपे जाने पर कार्यवाही की अनुशंसा की गई। लेकिन अब तक नतीजे सिफर हैं।
