नवरात्र पर्वः देवी मंदिरों में ज्योति कलशों की प्रदीप्ति से दमके दरबार

कोरबा 26 सितंबर। आश्विन नवरात्र पर कोरबा नगर और जिले में देवी मंदिरों के साथ-साथ दुर्गा पूजा पंडाल में शक्ति स्वरूपा का पूजन अर्चन हो रहा है इसके साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित है। इनकी प्रदीप्ति से मौके पर एक अलग ही तस्वीर निर्मित हो रही है। कोरबा जिले के विभिन्न देवी मंदिरों में इस नवरात्र पर 25000 से अधिक ज्योति कलश प्रज्वलित हुए हैं। इनमें श्रद्धालुओं का वास्ता कोरबा जिले के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों से है। कुछ अनिवासी भारतीयों ने भी मनोकामना ज्योति कलश कुछ मंदिरों में प्रज्वलित करने की इच्छा व्यक्त की।
कोरबा जिला के कलचुरी कालीन ऐतिहासिक महिषासुर मर्दिनी मंदिर चौतुरगढ़, सर्व मंगल मंदिर कोरबा, वैष्णो दरबार सीतामढ़ी, सिद्धीदात्री मंदिर देवपहरी, मड़वारानी, कंकालिन मंदिर दादर खुर्द, दीपेश्वरी मंदिर दीपिका के अलावा हरदी बाजार और करतला क्षेत्र के मंदिरों में हर नवरात्र पर ज्योति कलश प्रज्वलित करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है और इस बार की संख्या भी इसी तरफ इशारा करती है। इसका सीधा सा अभिप्राय यह है किया तो लोगों की आस्था वर्तमान युग की चुनौतियों के कारण बड़ी है या फिर उनके जीवन में धर्म और आध्यात्मिक की जुड़े और गहरी हुई है। मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि नवरात्र पर्व के सभी दिन अनवरत रूप से ज्योति कलश प्रज्वलित होते रहे इसका हमने विशेष ध्यान रखा है। सेवादार की ड्यूटी इस काम में शिफ्ट वाइस लगाई गई है ताकि बेहतर निगरानी होती रहे।
शिक्षा क्षेत्र में सेवा दे रहे अक्षय दुबे ने बताया कि सनातन धर्म में दीप ज्योति का अपना विशेष महत्व है और यह एक प्रकार से सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इससे उत्पन्न होने वाली किरण नई प्रकार की प्रेरणा देने के साथ आसपास की नकारात्मक शक्ति का क्ष्यरण करती हैं। इस बार नवरात्र पर्व 9 के बजाय 10 दिन में संपन्न होगा और अंतिम दिवस हवन पूजन भंडारा के बाद ज्योति कलश , जवारों का विसर्जन धूमधाम से किया जाएगा।
