कोरबा क्षेत्र के बदहाल सड़कों को सरकारी मरहम की जरूरत

कोरबा 23 सितंबर। सडकों को प्रगति का वाहक माना जाता है लेकिन कोरबा क्षेत्र में सडकों की दुर्गति कुछ ऐसी है कि हर तरफ आवागमन करने पर लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश की विदाई लगभग हो चुकी है और ऐसे में अब जरूरत महसूस की जा रही है कि इन सडकों पर सरकारी मरहम लगाने का काम कब तक होगा।
कोरबा शहर क्षेत्र में ही हर तरफ की सडक अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। कोसाबाड़ी से लेकर ओपन थिएटर, बुधवारी बाजार से ट्रांसपोर्ट नगर, सीएसईबी चौक से कोरबा शहर के अलावा बालको नगर, उरगा मार्ग पर तस्वीर लगभग एक जैसी है। कोईलांचल कुसमुंडा का भी यही हाल है। इन मार्ग पर छोटे बड़े की उपस्थिति के कारण आम लोगों के साथ-साथ वाहनों को चलने में मुश्किल पेश आ रही है। बारिश के पहले से यह रास्ते समस्या ग्रस्त थे और बाकी कसर बारिश के मौसम में पूरी हो गई। चाह कर भी इस स्थिति में सुधार करना संभव नहीं हुआ। बदहाली के द्वारा में लगातार वाहनों के दबाव में इन सडकों की और भी ज्यादा दुर्गति कर दी। अब जबकि बारिश की विदाई लगभग हो चुकी है तब इन्हीं रास्तों पर वायु प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। वाहनों के चलने के दौरान यहां से उडने वाला धूल का गुबार लोगों को परेशान कर रहा है। लगातार इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं और कई बार गुबार उडने के चक्कर में हादसे हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस इलाके से आने-जाने के दौरान इन तस्वीरों को देखा भी है और परेशानी को महसूस भी किया है। इन सब के बावजूद समस्या यथावत बनी हुई है। वर्तमान में आवश्यकता महसूस की जा रही है कि जितनी जल्द हो सके इन सडकों के जख्मों को ठीक करने के लिए मरहम की व्यवस्था हो ताकि प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सके।
