हसदेव नदी के डूबान में मिला हाथी के शावक का शव

कोरबा 21 सितंबर। जिले के कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में 15 दिन पूर्व जन्मे एक हाथी के बच्चें का शव हसदेव नदी के डुबान क्षेत्र में मिलने से वन विभाग में हडकम्प मच गया। हाथी के बच्चे की मौत का वास्तविक कारण तत्काल पता नहीं चला है लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि नदी को पार करते वक्त हाथी का बच्चा डृूब गया होगा और उसकाा शव बहकर नदी के डुबान क्षेत्र में पहुंच गया, जहां से उसे बरामद कर लिया गया है।

केंदई वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे ने बताया कि वन विभाग की गश्ती के दौरान केंदई परिक्षेत्र अंतर्गत कोरबी सर्किल के हसदेव नदी क्षेत्र ओए 719 में हाथी के बच्चे का शव मिला है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि शव लगभग 1-2 दिन पुराना है तथा हसदेव नदी के बहाव के साथ बहकर इस स्थान पर आया है। वर्तमान में हाथियों का झूण्ड पसरखेत के रेंज में पनगवां परिसर में विचरण कर रहा है। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर यह संभावना व्यक्त की गई है कि हाथी के बच्चे की मृत्यु नदी पार करने के दौरान प्राकृतिक कारणों से हुई है। हालांकि इसका वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद स्पष्ट होगा। वन विभाग की टीम ने हाथी के बच्चे के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराने की विधिवत तैयारी कर ली है। इसके लिए पशु चिकित्सकों को बुलाया गया है, जिनके द्वारा पोस्टमार्टम किये जाने के बाद हाथी के बच्चे का अंतिम संस्कार किया जायेगा।

ज्ञात रहे यह हाथी का वही बच्चा है जिसको 15 दिवस पूर्व हाथियों के झुण्ड में शामिल एक गर्भवती हथनी ने केंदई रेंज के उड़ानबहरा- खुरूपारा जंगल में जन्म दिया था। हाथियों का दल क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर विचरण करने के बाद कुछ दिनों पूर्व बच्चे को लेकर पसान रेंज में पहुंच गया था और तनेरा व पनगवां के बीच नदी किनारे डेरा डाल दिया है। 2 माह के भीतर कोरबा जिलें में हाथी के शावक की मौत की यह दूसरी घटना है। इससे पहले कोरबा वनमण्डल के पसरखेत रेंज में एक नवजात शावक जन्म के दूसरे दिन ही निमोनिया नामक बीमारी से ग्रसित हो जाने पर दम तोड़ दिया था, हाथी के शावकों की लगातार मौत से यह कहा जा रहा है कि वन विभाग उनकी सुरक्षा करने में विफल हो रहा है।

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