छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: गिरिराज होटल रायपुर के संचालक पिता-पुत्र गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण/एन्टी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने गिरिराज होटल के संचालक नितेश पुरोहित और उनके पुत्र यश पुरोहित को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर शराब घोटाले में शामिल होने का आरोप है।
गिरफ्तारी की वजह
आरोपी पिता-पुत्र सिंडीकेट के प्रमुख सदस्य थे, जिनके द्वारा आबकारी घोटाले की अवैध राशि का संग्रहण, भंडारण और लोकसेवकों तथा निजी व्यक्तियों तक वितरण का कार्य किया जाता था। मार्च 2024 से फरार चल रहे इन आरोपियों के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर 2024 और दिसंबर 2024 में No coercive action का आदेश पारित किया था। हालांकि, 17 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय से No coercive action की रोक हटने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

आगे की कार्रवाई
आरोपियों को आज माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) जिला रायपुर के समक्ष पेश किया गया। आरोपियों से पूछताछ हेतु 25 सितंबर 2025 तक पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही जारी है।
आबकारी विभाग का आयुक्त पहले गिरफ्तार
दूसरी ओर इससे पहले छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने शराब घोटाले में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विभाग में सक्रिय सिंडीकेट का सहयोग किया और शासकीय शराब दुकानों में अनियमितताओं के माध्यम से करोड़ों का असम्यक लाभ प्राप्त किया।
आरोप और जांच
निरंजन दास पर आरोप है कि उन्होंने विभाग प्रमुख के तौर पर सिंडीकेट का सहयोग करते हुए शासकीय शराब दुकानों में अनियमितताओं को बढ़ावा दिया। इसमें अन एकाउंटेंड शराब की बिक्री, अधिकारियों के ट्रांसफर, टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर और दोषपूर्ण शराब नीति लाने में सहयोग शामिल है। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में जांच की और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद निरंजन दास को गिरफ्तार किया।
कानूनी कार्रवाई
निरंजन दास की गिरफ्तारी अपराध संख्या 04/2024 के तहत की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और आईपीसी की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। ईओडब्ल्यू इस मामले में आगे की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रही है ।
