Gen-Z के बीच पीएम मोदी का क्रेज बोले- उनके जैसा नेता ही कर सकता है बदलाव

नईदिल्ली 12 सितम्बर । नेपाल में केपी शर्मा ओली सरकार के खिलाफ भडक़े आंदोलन के बाद नेपाल के लोगों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेता के हाथों में देश की बागडोर देने की मांग की है। नेपाल के लोगों ने बातचीत में देश के सामने मौजूद चिंताओं, उम्मीदों और दृष्टिकोण पर भी अपना पक्ष रखा। नेपाल में 35 घंटे तक चले सरकार विरोधी आंदोलन से संतुष्ट लोगों ने कहा कि नेपाल को पीएम मोदी जैसे नेता की जरूरत है, जो देश के कल्याण को प्राथमिकता दे सके। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत ने उल्लेखनीय बदलाव किए और हम वैसी ही प्रगति नेपाल में भी देखना चाहते हैं। फिलहाल के लिए, छोटी अवधि की सरकार बेहतर होगी, जिसके बाद बाकायदा चुनाव कराए जाने चाहिए। कुछ युवाओं का मानना है कि युवा नेता ही देश को बदहाली से उबार सकता है।
दीपेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि नेपाल को तत्काल ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है, जो देश को एकजुट कर सके। इतना बड़ा आंदोलन हुआ और व्यक्तिगत या राजनीतिक विरोधाभासों पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय सभी नेताओं को मिलबैठकर देश के सामने मौजूद असल मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। एक अन्य युवक ने कहा कि नेपाल को भारत की तरह वैश्विक ताकत बनने पर जोर देना चाहिए। अगर हम तकनीकी और आर्थिक तौर पर आगे बढऩा चाहते हैं तो हमें एक युवा और सक्रिय नेता की जरूरत है, जो नेपाल को भविष्य की तरफ ले जा सके। देश में कुछ राजनीतिक हस्तियों को लेकर तीखी आलोचना भी की जा रही है।एक युवक ने कहा कि सुशीला कार्की को नेपाल का प्रधानमंत्री नहीं बनाना चाहिए। बालेंद्र शाह, कुलमान घिसिंग और गोपी हमाल उनसे बेहतर नेता साबित हो सकते हैं। सुशीला कार्की से नेपाल को आगे बढऩे में कोई मदद नहीं मिलने वाली। कुछ अन्य युवाओं ने कहा कि सुशीला कार्की का नाम तमाम घपलों-घोटालों में उठ चुका है। वह नेपाल का नेतृत्व करने के काबिल नहीं हैं।
