दीपका में जय अम्बे कंपनी रोडलाइंस के खिलाफ ड्राइवरों का गुस्साः कम वेतन, एचपीसी रेट न देने और कार्य निलंबन के विरोध में 28 अगस्त को कार्य बाधित और एसईसीएल कार्यालय घेराव की चेतावनी

कोरबा 25 अगस्त। जय अम्बे कंपनी रोडलाइंस, जो साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) दीपका क्षेत्र के अधीन ठेका कंपनी के रूप में कार्यरत है, के खिलाफ ड्राइवरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ड्राइवरों का कहना है कि कंपनी द्वारा उन्हें निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है, (हाई पावर कमेटी) रेट नहीं दिया जा रहा, और हाल ही में सभी ड्राइवरों को एक सप्ताह के लिए कार्य से निलंबित कर दिया गया है। इस अन्याय के विरोध में ड्राइवरों ने एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है और 28 अगस्त 2025 को दीपका खदान में कार्य बाधित करने और एसईसीएल कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।

ड्राइवरों ने बताया कि जय अम्बे कंपनी रोडलाइंस के जनरल मैनेजर विकास प्रताप सिंह, कंचन यादव और चार गनमैन द्वारा उनके साथ गाली-गलौज, अपमान और बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस घटना की शिकायत पहले ही दीपका थाना और एसईसीएल प्रबंधन को की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ड्राइवरों का कहना है कि कार्य निलंबन और कम वेतन ने उनकी आजीविका पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है।

इस मामले में ड्राइवरों का समर्थन करने के लिए उमागोपाल मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने कंपनी को मजदूरों के साथ गुंडागर्दी बंद करने और सम्मानजनक व्यवहार करने की सख्त हिदायत दी थी। ड्राइवरों ने अपने ज्ञापन में मांग की है किः
सभी ड्राइवरों को निर्धारित न्यूनतम वेतन और एचपीसी रेट का तत्काल भुगतान किया जाए।
एक सप्ताह के कार्य निलंबन को तुरंत रद्द कर ड्राइवरों को काम पर वापस लिया जाए।
गाली-गलौज और धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित किया जाए।

ड्राइवरों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 28 अगस्त को दीपका खदान में कार्य बाधित किया जाएगा और एसईसीएल कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन की संपूर्ण जिम्मेदारी जय अम्बे कंपनी रोडलाइंस और एसईसीएल प्रबंधन की होगी।

ज्ञापन की प्रतिलिपि अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) एसईसीएल बिलासपुर, जिला कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा, थाना प्रभारी दीपका, श्रम आयुक्त रायपुर, और कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता को भी भेजी गई है।

स्थानीय समुदाय और कर्मचारी संगठनों ने इस मामले में ड्राइवरों के समर्थन में आवाज उठाई है और कंपनी के रवैये की कड़ी निंदा की है। जय अम्बे कंपनी रोडलाइंस या एसईसीएल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस और एसईसीएल प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की उम्मीद की जा रही है।

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