झमाझम बारिश के बीच छाते की मदद से की गई हलषष्ठी पूजा

कोरबा 14 अगस्त। भादो का महीना भी कोरबा जिले के लिए कृषि और दूसरी जरूरत के लिए वरदान साबित हो रहा है। हलषष्ठी पूजा करने वाली महिलाओं को आज बरसते पानी के बीच छाता का सहारा लेना पड़ गया। विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार की तस्वीर नजर आई।
कोरबा जिले में सावन का महीना अनुकूल रहा और भादो की शुरुआत से ही मौसम के तेवर आक्रामक बने हुए हैं। औसत बारिश अभी भी अपने ग्राफ के आसपास नहीं पहुंच सकी हैं। इधर हर दिन बारिश की उपस्थिति कोरबा के साथ-साथ अप नगरी क्षेत्र और आसपास में दर्ज हो रही है। इस पर भी उमस अपने स्थान पर कायम है। कमर छठ के दिन भी मौसम मेहरबान रहा। कहीं पर धूप खिली रही तो कोईलांचल दीपिका सहित विभिन्न क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। बारिश के सिलसिले ने जब कोई राहत नहीं दी तो आखिरकार महिलाओं को छाता लेकर पूजा अर्चना करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि इस तरह की स्थिति कोई पहली बार नहीं बनी इससे पहले भी कुछ मौका पर ऐसे हालात बन चुके हैं। बारिश के मौसम में होने वाली दिक्कतों के बावजूद मान्यताओं के अंतर्गत व्रत और त्योहार मनाने का उत्साह है कुछ अलग ही होता है और यह हलषष्ठी पर दिखाई दिया। इस अवसर पर महिलाओं ने पौराणिक कथा श्रवण की और अंत में आरती के साथ संतान के दीर्घ जीवन की कामना की।
