शासकीय कार्य में बाधा डालने पर आरोपी शोएब ढेबर को भेजा गया जेल

रायपुर। विगत 6 अगस्त को केन्द्रीय जेल रायपुर में विचाराधीन बंदी अनवर ढेबर के पुत्र शोएब ढेबर के द्वारा मुलाकात कक्ष में तैनात प्रहरी को धौंस दिखाते हुये गाली गलौज कर अवैधानिक रूप से मुलाकात कक्ष में अपने पिता से मुलाकात करने हेतु शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जबरन प्रवेश किया गया, कि आरोपी शोएब ढेबर के विरूद्ध थाना गंज में अपराध क्रमांक 204/25 धारा 296, 329, 211 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना गंज पुलिस की टीम द्वारा प्रकरण में आरोपी शोएब ढेबर को गिरफ्तार कर प्रकरण में कार्यवाही करने के साथ ही आरोपी के विरूद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् कार्यवाही कर जेल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी – शोएब ढेबर पिता अनवर ढेबर उम्र 26 वर्ष
उल्लेखनीय है कि रायपुर पुलिस ने शोएब के खिलाफ गंज थाने में जबरन जेल परिसर में घुसने, सरकारी काम में बाधा डालने और जेलकर्मियों से बदसलूकी के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।
घटना 6 अगस्त की है, जब शोएब ढेबर बिना अनुमति जेल के ‘मुलाकात कक्ष’ में घुस गए। यह समय अधिवक्ताओं की मुलाकात का था, लेकिन जेल अधिकारियों के बार-बार रोकने के बावजूद शोएब ने जबरन प्रवेश किया। इस हरकत से जेल की सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई और संचालन में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
जेल अधीक्षक के जारी एक आदेश में साफ लिखा गया है कि शोएब ने न केवल जेल नियमावली का उल्लंघन किया, बल्कि कानून को खुलेआम चुनौती दी। मामले की जांच उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान को सौंपी गई थी, जिसमें आरोप साबित होने पर जेल नियम 690 के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए शोएब को 3 महीने तक किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया गया।
यह मामला सिर्फ जेल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा- रायपुर पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए सरकारी कार्य में बाधा और सुरक्षा उल्लंघन के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया था। यह घटना सवाल खड़े करती है- क्या रसूख और दबंगई के आगे कानून बौना है, या इस बार न्याय की डोर कसकर खिंचेगी?

केन्द्रीय जेल रायपुर में शोएब ढेबर को 3 माह के लिए सभी प्रकार के मुलाकात से किया गया प्रतिबंधित
दूसरी ओर इससे पहले 7 अगस्त, 2025 को केन्द्रीय जेल रायपुर से शोएब ढेबर पिता श्री अनवर ढेबर को सभी प्रकार के मुलाकात से आगामी तीन माह के लिए प्रतिबंधित किया गया है। शोएब ढेबर द्वारा जेल अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में प्रवेश कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, इस आधार पर यह प्रतिबंध लगाया गया है।
जेल अधीक्षक रायपुर द्वारा जारी आदेश अनुसार शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय संबंधित अधिकारियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद जबरन प्रवेश किया, जिससे जेल के सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक श्री एम.एन. प्रधान द्वारा की गई, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि शोएब ढेबर द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना सत्य है। जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक द्वारा आदेश जारी करते हुए श्री शोएब ढेबर को तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल परिसर की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएंगे।
