अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 15 अगस्त को अलास्का में होगी ऐतिहासिक बैठक

वाशिंगटन / कीव. अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त को अलास्का में ऐतिहासिक बैठक करेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का रास्ता तलाशना होगा। यह पुतिन की 10 वर्षों में पहली अमेरिका यात्रा होगी। ट्रंप ने ‘टुथ सोशल’ पर बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि यह मुलाकात ‘महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित’ है।

पुतिन के साथ यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब फरवरी 2022 से चल रहे युद्ध ने लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया है और अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ‘शाति समझौते की संभावना’ दिख रही है, हालांकि पहले के दौर की वार्ताएं विफल रही हैं। इससे पहले, अमरीकी दूत स्टीव विटकॉफ ने मॉस्को में पुतिन से मुलाकात कर संभावित त्रिपक्षीय बैठक का सुझाव दिया था, पर रूस ने चुप्पी साध ली। ट्रंप ने हाल के महीनों मैं कई बार भारत-पाक तनाव सुलझाने में भूमिका का दावा भी दोहराया है।

जेलेंस्की का ऐलान – ‘संविधान पर कायम, जमीन नहीं छोड़ेंगे’

अमरीका-रूस वार्ता से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिना यूक्रेन के किसी भी फैसले से शांति नहीं आएगी और देश अपनी जमीन रूस को नहीं देगा। पुतिन ने लुहान्स्क, दोनेत्स्क, जापोरीझिया और खेरसॉन प्रांतों की मांग के साथ युद्धविराम का संकेत दिया था, पर जेलेंस्की ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यूक्रेन अपने संविधान से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति केवल तब संभव है, जब वार्ता में यूक्रेन शामिल हो।

भारत से उम्मीदेंः अमरीकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि भारत यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत अपने प्रभाव का उपयोग कर ‘रक्तपात खत्म’ कराने में मदद करेगा, भले ही दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद जारी हो।

आर्मेनिया – अज़रबैजान में कराई सुलह

व्हाइट हाउस में अर्मेनिया और अजरबैजान ने दशकों पुराने विवाद को खत्म करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पशिनियन ने संयुक्त रूप से ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का प्रस्ताव भी रखा।

इससे पहले पाकिस्तान, इजराइल और कंबोडिया भी ट्रंप के पक्ष में समर्थन दे चुके हैं। इजराइल ने तो औपचारिक पत्र भी नोबेल समिति को भेजा था। इन देशों का मानना है कि ट्रंप ने शांति स्थापित कराने में अहम भूमिका निभाई।

अमरीकाः ट्रंप प्रशासन ने फेड चेयर की खोज का दायरा बढ़ाया

वाशिंगटन. अमरीकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल का कार्यकाल अगले साल मई में समाप्त हो रहा है। उनके उत्तराधिकारी के लिए डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने खोज का दायरा बढ़ाते हुए अब कुछ अब कुछ और नए नामों को शामिल किया है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के अनुसार, उम्मीदवारों में पूर्व सेंट लुइस फेड अध्यक्ष जेम्स बुलार्ड, पूर्व आर्थिक सलाहकार मार्क समरलिन, नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल निदेशक केविन हँसेट, फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर और पूर्व फेड गवर्नर केविन वार्श शामिल हैं।

दावाः यूसीएलए से एक अरब डॉलर मांग रहा ट्रंप प्रशासन

ट्रंप लॉस एंजिलिस प्रशासन ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (यूसीएलए) से सेटलमेंट में एक अरब डॉलर की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट में वाइट हाउस के अनाम अधिकारी के हवाले से यह दावा किया गया है। यह कदम न्याय मंत्रालय द्वारा उन आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय ने यहूदी और इजरायली छात्रों के प्रति भेद‌भाव किया।

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