नरईबोध के भूविस्थापितों को मकान के लिए आबंटित जमीन में कटौती और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं, एसईसीएल अधिकारियों को दो टूक- अब नहीं चलेगी मनमानी

कोरबा । नराइबोध के भूविस्थापितों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही बसाहट और मकान के लिए आबंटित जमीन में हुई मुआवजा कटौती की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन एसईसीएल गेवरा सीजीएम कार्यालय में किया गया। कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इस वार्ता में एसडीएम, तहसीलदार,एसईसीएल के अधिकारीगण एवं नराईबोध के भूविस्थापित शामिल हुए।

वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि बसाहट के दौरान न सिर्फ मकान के लिए आबंटित जमीन में कटौती की गई है, बल्कि मूलभूत सुविधाओं की भी घोर अनदेखी की गई है। विधायक प्रेमचंद पटेल ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बसाहट योजना की पुन: समीक्षा की जाए और जिन लोगों को मकान की जमीन में कटौती या अन्य प्रकार की समस्या हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर राहत दी जाए।

एसडीएम व तहसीलदार ने प्रशासन की ओर से उचित जांच और समाधान का आश्वासन दिया जबकि एसईसीएल के प्रतिनिधियों की ओर से प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की बात कही। श्री पटेल ने अधिकारियों को चेताया भी कि भूविस्थापित राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी जमीन देते हैं, लेकिन एसईसीएल के अधिकारी उनकी सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं देते, ऐसा अब नहीं चलेगा। उन्होंने एसईसीएल के अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि बसाहट में मूलभूत सुविधाओं का पूरा ध्यान रखें।

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