शराब घोटाला: ई. डी. की टीम ने दिल्ली और रायपुर में एक साथ की छापेमारी, पिक्चर अभी बाकी है..!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित ₹3,200 करोड़ के शराब घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की रफ्तार और तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी की नजर उन अन्य चेहरों पर है जो कथित तौर पर इस घोटाले में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल रहे हैं।
दिल्ली और रायपुर में दबिश
गुरुवार को ईडी की टीम ने दुर्ग निवासी एक बड़े होटल और शराब कारोबारी के दिल्ली स्थित निवास और रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित होटल में एक साथ छापेमारी की। बताया जा रहा है कि रायपुर का यह होटल कारोबारी के परिवार द्वारा संचालित किया जाता है। हालांकि, ईडी ने अब तक छापे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पहले की कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज बने आधार
जानकारी के मुताबिक, ईडी की यह ताजा कार्रवाई पहले की छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर की गई है। इससे पहले के रेड में कई संदिग्ध दस्तावेज, लेनदेन और ट्रांजेक्शन का ब्यौरा मिला था, जिसके आधार पर यह नेटवर्क उजागर हो रहा है।
दिल्ली शिफ्ट हुआ कारोबारी, जुड़ा कई क्षेत्रों से
सूत्रों के अनुसार, जिन कारोबारी के ठिकानों पर कार्रवाई हुई है, वह पारिवारिक संपत्ति विवाद के बाद दिल्ली शिफ्ट हो गया था। उसे संपत्ति बंटवारे में होटल और अन्य हिस्सेदारी मिली थी। इसके अलावा वह रेलवे स्टेशनों पर रेस्टोरेंट चलाने और बोतलबंद पानी के कारोबार से भी जुड़ा हुआ है।
शराब कारोबार और फाइनेंशियल लिंक पर फोकस
ईडी की जांच का मुख्य फोकस शराब कारोबार से जुड़े पैसों के लेन-देन और हवाला ट्रांजेक्शन पर है। यह देखा जा रहा है कि कथित भ्रष्टाचार और रिश्वत का पैसा किस-किस चैनल के माध्यम से कहां-कहां पहुंचाया गया।
