छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन, कोरबा जिला के DMF में नहीं रुक रहा अफसरों का करप्शन..!

जिला खनिज न्यास कोरबा में “ऊपर” देने के नाम पर 5 फीसदी रिश्वत की मांग, सरपंचों ने की लिखित शिकायत
कोरबा। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी (IAS) और कोरबा की पूर्व कलेक्टर रानू साहू सहित राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के जेल जाने के बाद भी जिला खनिज न्यास (DMF) कोरबा में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा की सरकार में भी वही खेल जारी है, जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हो रहा था।
जनपद पंचायत करतला में 5% कमीशन का खेल!
यह सनसनीखेज खुलासा जिले के जनपद पंचायत करतला में हुआ है। करतला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जिला खनिज न्यास मद (DMF) से स्वीकृत विकास कार्यों की राशि जारी करने के बदले 5% कमीशन की मांग किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस अनियमितता के खिलाफ जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा के नेतृत्व में सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने खुलकर आवाज उठाई है।
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत करतला में कार्यरत मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैभव कौशिक द्वारा ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों को कहा जा रहा है कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का 5% हिस्सा अग्रिम रूप से जमा किए जाने के बाद ही प्रथम किश्त (अग्रिम चेक) जारी नहीं किया जाएगा। यह निर्देश कथित रूप से जिला स्तरीय अधिकारियों के हवाले से दिया गया है। इस आशय की लिखित शिकायत जनपद क्षेत्र के सरपंचों ने जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से की है।
जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा बोले- ‘जरूरत पड़ी तो उच्च स्तर तक जाएंगे’
करतला जनपद के उपाध्यक्ष मनोज झा ने शिकायत की पुष्टि की है। उपाध्यक्ष ने कहा है कि–”हमारे पास जनपद के सरपंच संघ अध्यक्ष सहित 35 ग्राम पंचायतों के सरपंचों का ज्ञापन आया है। इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि DMF मद से आंगनवाड़ी भवन निर्माण जैसी योजनाओं के लिए स्वीकृति मिलने के बाद भी चेक जारी करने हेतु 5% कमीशन की मांग की जा रही है।”
मनोज झा ने छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शिता और ईमानदारी की नीतियों का हवाला देते हुए कहा है कि – “जब 5% पहले और 10% कार्य के दौरान मांगा जाएगा, तो कुल 15% की उगाही से निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगा और गुणवत्ता प्रभावित होगी। एक वर्ष में ही भवन उपयोग लायक नहीं बचेगा। हम इसका विरोध करते हैं और यदि आवश्यकता पड़ी तो इस प्रकरण को उच्चस्तर तक ले जाया जाएगा।” सरपंचों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत के सीईओ को प्रतिलिपि भेजी है।
ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि बिना किसी अवैधानिक दबाव के उन्हें स्वीकृत योजनाओं की राशि तत्काल सुलभ कराई जाए ताकि जनहित के कार्य बाधित न हों और पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि, जनपद पंचायत के सीईओ वैभव कौशिक ने आरोप को निराधार बताया
