ऋण पुस्तिका में लिखा खाद खत्म, 2200 रुपए में दी सुविधा

सिरमिना समिति का मामला पहुंचा प्रशासन के पास
कोरबा 15 जुलाई। खरीफ सीजन में किसानों को बीज और खाद के लिए भटकना न पड़े इसके लिए प्रशासन लगातार निर्देश दे रहा है और निगरानी पर भी जोर दे रहा है। इन सबके बावजूद कई सेवा सहकारी समितियों में किसानों को सुविधा नहीं मिल रही है। वे बार-बार चक्कर लगाने पर भी बैरंग लौट रहे हैं। ऐसे ही एक मामले को लेकर प्रशासन के जनदर्शन में शिकायत पहुंची।
सरपता गांव के निवासी देवनारायण और अन्य लोगों ने जिला कार्यालय पहुंचकर बताया कि सिरमिना आदिवासी सेवा सहकारी समिति में चेहरा देखकर खाद-बीज दिया जा रहा है। किसी को कहा जा रहा है कि खाद-बीज है ही नहीं और इस बारे में ऋण पुस्तिका में एंट्री भी की जा रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है ताकि किसानों को भरोसे में लिया जा सके। दूसरी तरफ 2200 से लेकर 2500 रुपए प्राप्त करते हुए कतिपय लोगों को संबंधित सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। इससे किसान मायूस हैं और नाराज भी। इसी बात को लेकर लगातार विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है और तमाशा हो रहा है। दो दिन पहले ऐसा ही एक वीडियो तैयार कर अधिकारियों को अवगत कराया गया। ग्रामीणों ने यहां की वास्तविक स्थिति के बारे में प्रशासन को लिखित रूप में जानकारी दी।
किसानों का कहना है कि अगर बीज-खाद नहीं है तो कोई बात नहीं, लेकिन दूसरों को नगद आधार पर यह सुविधा आखिर कैसे मिल रही है। इसकी जांच करने के साथ दोषियों पर कार्रवाई करना चाहिए।इससे पहले जिले के कुछ सेवा सहकारी समितियों में भंडारण नहीं होने के मामले सामने आ चुके हैं और बाद में सफाई देनी पड़ी है। उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा के मानसून सत्र में इसी विषय को लेकर जो हंगामा हो रहा है उसे ध्यान में रखते हुए जिले में व्यवस्था को नियंत्रित कराने के लिए प्रशासन ध्यान देगा।
