इजरायल के रक्षामंत्री ने ईरान के सरकारी ठिकानों पर हमला करने का निर्देश दिया, ताकि अव्यवस्था का बने वातावरण, फैले अस्थिरता

यरुशलम। इजरायल और ईरान के बीच जंग भीषण होती जा रही है। ईरान ने हाल में ही इजरायल पर बैलिस्टिक मिलाइल से हमला किया है। अब इजरायल भी ईरान पर पलटवार कर रहा है। इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सेना को ईरानी राजधानी तेहरान में शासन के प्रतीकों पर हमले तेज करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने सेना को ईरानी राजधानी तेहरान में शासन के प्रतीकों पर हमले तेज करने के निर्देश दिए हैं, जिसका उद्देश्य इसे अस्थिर करना है।
ईरान के इन सरकारी ठिकानों पर हमला करने के निर्देश
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक बयान में कहा कि हमें शासन के सभी प्रतीकों और जनता के उत्पीड़न के तंत्रों, जैसे कि बासिज (मिलिशिया) और शासन के शक्ति आधार, जैसे कि रिवोल्यूशनरी गार्ड, पर प्रहार करना होगा। दरअसल, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने सेना को ईरानी राजधानी तेहरान में शासन के प्रतीकों पर हमले तेज करने के निर्देश दिए हैं, जिसका उद्देश्य इसे अस्थिर करना है।
ईरान के इन सरकारी ठिकानों पर हमला करने के निर्देश
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक बयान में कहा कि हमें शासन के सभी प्रतीकों और जनता के उत्पीड़न के तंत्रों, जैसे – बासिज (मिलिशिया) और शासन के शक्ति आधार, जैसे कि रिवोल्यूशनरी गार्ड, पर प्रहार करना होगा।
ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर बरसाए
इजरायल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने बृहस्पतिवार को इस बारे में जानकारी दी है। चैनल ने बताया कि हमले के बाद ‘‘किसी भी तरह के रेडिएशन का खतरा नहीं’’ है और हमले से पहले ही केंद्र को खाली करा लिया गया था। इजरायल ने बृहस्पतिवार सुबह पहले ही चेतावनी दी थी कि वह रिएक्टर पर हमला करेगा और उसने लोगों से क्षेत्र छोड़कर जाने को कहा था।
जानें जल रिएक्टर क्या करता है
अराक स्थित भारी जल रिएक्टर तेहरान से 250 किलोमीटर (155 मील) दक्षिण-पश्चिम में है। परमाणु रिएक्टर को ठंडा करने के लिए भारी जल रिएक्टर का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह प्लूटोनियम भी बनाता है जिसका संभावित रूप से परमाणु हथियारों में उपयोग किया जा सकता है।
IAEA ने क्या कहा?
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इजरायल से ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला ना करने का आग्रह किया है। ऐसा बताया जाता है कि एजेंसी के निरीक्षकों ने 14 मई को आखिरी बार अराक का दौरा किया था।
ईरान में कितने लोगों की हुई मौत
इजरायल-ईरान जंग के बीच वाशिंगटन स्थित समूह ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स’ ने बताया कि इजरायली हमलों में ईरान में अब तक कम से कम 639 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,329 अन्य लोग घायल हुए हैं। समूह ने बताया कि मरने वालों में 263 आम नागरिक और 154 सुरक्षा बल के जवान हैं।
ईरान ने किया हमला
इजरायल की ओर से किए गए हमलों के बीच ईरान ने भी मिसाइलें दागी हैं। ईरानी मिसाइलों से इजरायल के दक्षिण में स्थित मुख्य अस्पताल के भारी नुकसान हुआ है। ‘सोरोका मेडिकल सेंटर’ इजरायल के दक्षिण में स्थित मुख्य अस्पताल है। बीर शेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता ने बताया कि हमले में अस्पताल को भारी नुकसान हुआ है और लोग घायल हुए हैं। अस्पताल ने लोगों से अनुरोध किया है कि वो इलाज के लिए ना आएं।
हताहतों के बारे में नहीं मिली जानकारी
अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, इस अस्पताल में 1,000 से अधिक बिस्तर हैं और यह इजरायल के दक्षिण के लगभग 10 लाख निवासियों को सेवाएं प्रदान करता है। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्य बिल्डिंग और कुछ अपार्टमेंट इमारतों को निशाना बनाया गया है। इस बात की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी कि इन हमलों में कोई हताहत हुआ है या नहीं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है।
