छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के 6 पदाधिकारियों को न्यायालय ने सुनाई 7 वर्ष कारावास की सजा

जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में वर्ष 2021 में घटित लूटपाट और उगाही के गंभीर मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के 6 पदाधिकारियों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। ये सभी आरोपी एक कीटनाशक दुकान में जबरन घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और एक लाख रुपए की जबरन वसूली जैसे संगीन अपराधों में शामिल पाए गए।

ये है मामलाः

यह मामला 27 अगस्त 2021 का है जब थाना बम्हनीडीह क्षेत्र स्थित एक कीटनाशक दवा दुकान में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के 6 पदाधिकारी जबरन घुस गए थे। दुकानदार को धमकाते हुए उन्होंने न सिर्फ अश्लील गालियां दीं और मारपीट की, बल्कि एक लाख रुपए की उगाही भी की थी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचानः

भूपेन्द्र रात्रे (31 वर्ष), निवासी बोकरामुडा, बलौदा

लक्की उर्फ लकेश्वर कुमार वर्मा (29 वर्ष), निवासी – भनपुरी, रायपुर

तरुण कुमार (23 वर्ष), निवासी -भनपुरी, रायपुर

कृपाण बघेल (26 वर्ष), निवासी -दीनदयाल कॉलोनी, रायपुर

भोला कश्यप (29 वर्ष), निवासी -मल्दा, थाना हसौद, जिला शक्ति

रामपल कश्यप (24 वर्ष), निवासी -ग्राम जमड़ी, थाना हसौद, जिला शक्ति

इन सभी के विरुद्ध थाना बम्हनीडीह में अपराध दर्ज किया गया था। मामले का विचारण अपर सत्र न्यायाधीश (FTC), न्यायालय जांजगीर द्वारा किया गया।

कोर्ट का फैसला:

न्यायालय ने आरोपियों को निम्न अपराधों में दोषी पाया और उन्हें कठोर दंड से दंडित कियाः IPC धारा 147, 148, 452, 323 (3 बार), 386: प्रत्येक अपराध के लिए। वर्ष का सश्रम कारावास व ₹200 जुर्माना, जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 15 दिन का साधारण कारावास

IPC धारा 397 (लूट के दौरान घातक हथियार का प्रयोग): 7 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹500 अर्थदंड, अर्थदंड न देने की स्थिति में माह का साधारण कारावास

भोला कश्यप को आयुध अधिनियम, धारा 25 (1) (1-ख) (ख): 3 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹200 का अर्थदंड, अर्थदंड के व्यतिक्रम में 15 दिन का साधारण कारावास

प्रकरण में अभियोजन की भूमिकाः इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक योगेश गोपाल ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर सभी आरोपियों को दोषी सिद्ध किया गया।

न्याय की सख्त नजीरः

इस निर्णय को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि राज्य में उगाही, लूटपाट और हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यायालय ने इस प्रकार के संगठित अपराध को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को उचित और कठोर दंड दिया है।

Spread the word