रहस्यमयी ” उड़न तश्तरियों और एलियनों ” की कहानियां, अमेरिका का सफेद झूठ, जानिए इस ” झूठ ” के पीछे की असली कहानी क्या है.?

सैन्य मिशन छिपाने अमेरिका ने गढ़ा ‘ एरिया 51’ का झूठ
वाशिंगटन. ‘एरिया 51’, अमरीका का वह रहस्यमयी इलाका जिसे लेकर दुनिया भर में उड़न तश्तरियों, एलियनों और गुप्त तकनीकों की कहानियां रची गईं। अब खुलासा हुआ है कि इन कहानियों के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि खुद अमरीकी सरकार का दिमाग था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमरीका के न्याय व रक्षा विभाग ने यूएफओ की अफवाहें फैलाई, ताकि शीत युद्ध के दौर में अपने गुप्त सैन्य परीक्षणों को सोवियत संघ की जासूसी से बचाया जा सके। इस मिशन में वह काफी हद तक कामयाब भी रही।
बार में भेजा गया ‘खुफिया सैनिक’
1980 के दशक में वायुसेना के एक कर्नल को खास मिशन पर भेजा गया। यह मिशन था एरिया 51 के पास की एक बार में जाना और वहां के मालिक को नकली उड़नतश्तरियों की तस्वीरें देना। बस यहीं से एलियन अफवाहों की एक नई लहर दौड़ पड़ी। मिशन का मकसद था लोगों का ध्यान असली काम से हटाना, वह असली काम था एक ‘एफ-117 नाइटहॉक स्टील्थ फाइटर का परीक्षण’। सेवानिवृत्ति के बाद इस अधिकारी ने कहा कि ‘हमने जानबूझकर एक मिथक को बढ़ाया, ताकि हकीकत छिप जाए।’
पेंटागन के भीतर ‘एलियन यूनिट’
साल 2022 में एएआरओ (ऑल डोमेन एनोमली रिजोल्यूशन ऑफिस) के प्रमुख बने शॉन किर्क पैट्रिक ने सेना की दशकों पुरानी फाइलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें बार-बार ऐसे सुराग मिले कि यूएफओ की जड़े खुद पेंटागन के भीतर थीं। एक किस्सा था ‘यांकी ब्लू’ का जिसमें नए रंगरूटों को बताया जाता था कि वे एक ‘एलियन रिसर्च यूनिट’ का हिस्सा हैं और उन्हें इस बारे में कभी बात नहीं करनी है। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि ऐसी कोई यूनिट थी ही नहीं! यह फर्जी कहानी 2023 तक चलती रही, जब तक कि इसे औपचारिक रूप से बंद नहीं किया।
अपने ही अधिकारियों को बनाया ‘ बुद्धू ‘
साल 1967 में, वायुसेना कप्तान रॉबर्ट सालास ने दावा किया था कि उन्होंने एक यूएफओ को देखा, जिसने मोंटाना स्थित एक बेस पर दस परमाणु मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया। तब उन्हें चुप रहने का आदेश मिला। लेकिन एएआरओ की जांच बताती है कि यह घटना शायद एक असफल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स टेस्ट का परिणाम थी, ऐसा परीक्षण जिसके बारे में सालास और उनके साथियों को बताया तक नहीं गया।
