कुसमुंडा खदान में घुसा बारिश का पानी: SECL का कोयला उत्पादन को लेकर आया स्पष्टीकरण

कोरबा। एसईसीएल कुसमुंडा खदान में कोयला उत्पादन और प्रेषण नियमित रूप से जारी है। कल खदान से 40,000 टन कोयला निकाला गया और लगभग 80,000 टन कोयला प्रेषित किया गया। बारिश के कारण खदान में पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, लेकिन एसईसीएल ने स्पष्ट किया है कि खदान सामान्य रूप से संचालित हो रही है और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

खदान संचालन की जानकारी

कुसमुंडा खदान में कोयला उत्पादन और प्रेषण नियमित रूप से जारी है।
कल खदान से 40,000 टन कोयला निकाला गया।
लगभग 80,000 टन कोयला प्रेषित किया गया।
बारिश के दिनों में खुली खदानों से उत्पादन प्रभावित होता है, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल

तेज बारिश के समय कर्मियों और मशीनों की सुरक्षा के मद्देनजर कार्य होल्ड किया जाता है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद कार्य फिर से शुरू किया जाता है।
कुसमुंडा खदान में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि खदान सामान्य रूप से संचालित हो रही है और कोयला उत्पादन और प्रेषण नियमित रूप से जारी है ।

आपको बता दे कि कोरबा जिले में शनिवार को एक घंटे की बारिश ने SECL की कुसमुंडा माइंस में जमकर तबाही मचाई का वीडियो वायरल हुआ था। बारिश के कारण माइंस के अंदर तक पानी घुस गया है, जिससे कोयला उत्पादन का काम बुरी तरह प्रभावित होने की बात सामने आई थी। और यह बात भी आपसी चर्चा में कोयला कर्मियों द्वारा कही गई थी कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण बार-बार कुसमुंडा माइंस में पानी भर रहा है। इस बात की चर्चा कुसमुंडा खदान क्षेत में जोरो पर रही की पिछले साल बारिश में एसईसीएल कुसमुंडा खदान में पानी भरने से ड्यूटी में तैनात एक इंजिनियर खदान में फंस गए थे और उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद भी प्रबंधन का ध्यान इस ओर नहीं है।

Spread the word