अब विधायकों का युक्तियुक्तकरण की मांग, 57 पद मर्ज किया जाए, 33 जिले में 33 विधायक काफी

रायपुर/ सक्ती। अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किए जाने को लेकर अनेक शिक्षकों में नाराजगी व्याप्त है। वह किसी न किसी तरह से अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक शिक्षक ने जहां राज्यपाल के नाम पोस्टकार्ड भेज कर प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्री होने और इनका युक्तियुक्तकरण करने की मांग रखी तो इसके बाद यह सिलसिला चल पड़ा है।

अब सक्ती जिला के ग्राम अंडा, पोस्ट किरारी से एक शिक्षक तरुण भारद्वाज का भी राज्यपाल के नाम प्रार्थना पत्र वायरल हो रहा है।
इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10463 विद्यालयों को बंद करने जा रहे हैं, ठीक उसी तरह राज्य के 33 जिलों में 90 विधानसभा हैं जो संचालन के लिए अधिक है जिसके कारण 90 विधायकों पर अत्यधिक खर्च होने की वजह से छत्तीसगढ़ की संपत्ति को आर्थिक नुकसान हो रहा है। 33 जिलों के लिए सिर्फ 33 विधायकों की आवश्यकता है। मांग किया गया है कि अतिशेष 57 विधायकों के पदों को युक्तियुक्तकरण नियम के आधार पर मर्ज किया जाए।

आपको बता दें कि इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रदेश में अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से चल रही है। विरोधों के बीच शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह युक्तियुक्तकरण शिक्षा पद्धति को बेहतर बनाने के लिए हितकर है और किसी भी शिक्षक का अहित इसमें नहीं हो रहा है। दूसरी तरफ युक्तियुक्तकरण में मनमानी और गड़बड़ी करने के भी आरोप प्रदेश भर से लग रहे हैं। इन आरोपों और युक्तियुक्तकरण की जारी प्रक्रियाओं के बीच एक पोस्टकार्ड भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। मुंगेली जिले के फास्टरपुर पोस्ट ऑफिस अंतर्गत आने वाले ग्राम सिपाही निवासी हेमंत कुमार ने प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका के नाम यह पत्र लिखा है।

हेमंत कुमार ने कहा है कि छ.ग. के अतिशेष 2 उपमुख्यमंत्री का युक्तियुक्त-करण पद समाप्त करने विषयक लेख है कि छग में मुख्यमंत्री के होते हुए दो अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री हैं जिनका वेतन, भत्ता से लेकर सुरक्षा व्यवस्था इत्यादि में व्यय भार अधिक होने के कारण शिक्षा व 57,000 शिक्षक भर्ती में वित्त की समस्या आ रही है जिसे कम करने के लिए स्कूलों का युक्तियुक्तकरण व स्कूल सेटप में छेडछाड किया जा रहा है। अतः वित्तभार / व्ययभार को कम करने उपमुख्यमंत्री का पद समाप्त व विधायकों का वेतन भत्ता में कटौती, कर छ.ग. की शिक्षा व्यवस्था को बचाने की महती कृपा करें।
