लोकमाता अहिल्याबाई के लिए उनकी जनता का हित था सर्वोपरि – कैबिनेट मंत्री देवांगन

कोरबा। “पुण्यश्लोका, लोकमाता, न्यायप्रिय शासिका देवी अहिल्याबाई के लिए उनकी जनता का हित सर्वोपरि था, उनका सारा जीवन संघर्षो में बीता, किंतु उन्होने अपने सिद्धांतों व आदर्शो के साथ कभी समझौता नहीं किया, देवी अहिल्याबाई एक धर्मप्रिय व न्यायप्रिय शासिका थी, जब न्याय करने की बात आई तो उन्होने अपने पुत्र को भी दंडित किया। देवी अहिल्याबाई जैसी महान हस्तियॉं सदैव अमर रहती हैं, उनके शरीर का अवसान अवश्य हो जाता है किन्तु उनके महान कार्य, उनकी यशोगाथा सदैव जिंदा रहती है।”
उक्त कथन कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा मंगलवार को आयोजित देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती समारोह के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा घंटाघर स्थित सियान सदन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जन्म जयंती समारोह का आयोजन किया गया। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांग ने समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की, वहीं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन सहित निगम के अन्य पार्षदगणों, जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दी। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत ने देवी अहिल्याबाई होलकर के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ कराया।
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के महान कार्यो की बदौलत आज हम 300 साल बाद भी उन्हें पूरी श्रद्धा व गरिमा के साथ याद कर रहे हैं, देवी अहिल्याबाई ने अपने शासन के दौरान जनता के हितों के सर्वोच्च स्थान पर रखा तथा जनता के लिए अपना सब कुछ समर्पित करने के लिए वे संकल्पित रहती थी, मैं इस मौके पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धासुमन अर्पित करता हॅूं। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने सियान सदन के विस्तार के संबंध में कहा कि “हमने बनाया है-हम ही संवारेंगे” की तर्ज पर निश्चित रूप से सियान सदन का विस्तार किया जाएगा, यहॉं सुविधाएं बढ़ाई जाएगी, उन्होने कहा कि सदन के वरिष्ठ नागरिकों की इच्छा का सम्मान करते हुए सियान सदन में ए.सी. की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, आगे भी वरिष्ठ नागरिकों की इच्छा का मान रखते हुए उनकी इच्छा के हिसाब से सियान सदन का विस्तार किया जाएगा।
* प्रजा का पालन संतान के समान करती थी देवी अहिल्याबाई
इस मौके पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि रानी अहिल्याबाई अपनी प्रजा का पालन अपने संतान के समान करती थी, वे प्रजा के सुख-दुख का पूरा ध्यान रखती थी। उन्होने कहा कि वीरांगना, पुण्यश्लोका, लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर एक ऐसी बेटी जिसने अपने पिता की उम्मीदों को साकार किया, एक ऐसी पत्नी जिसने अपने पति के आदर्शो को अपने जीवन का संकल्प बना लिया, एक ऐसी रानी जिसने अपनी प्रजा को ही अपने संतान के रूप में देखा और एक ऐसी शासिका जिसने शत्रुओं को दिखा दिया कि स्नेह और प्रेम जहॉं एक स्त्री को समर्पण की मूर्ति बना देता है, वहीं जब वह अपने हाथ में तलवार लेकर रणभूमि में उतर पड़ती है तो एक बार यमराज को भी युद्ध छोड़कर भागने को विवश होना पड़ता है…. ऐसी ही थी हमारी अहिल्याबाई होलकर, जिसने भारतीय नारी शक्ति के गौरव को इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में उकेरा।
