नक्सलियों का चीफ बसवा राजू ढेर, आइए जानते हैं – वह कौन था…?

जगदलपुर 22 मई 2025. बस्तर के अबूझमाड़ के जंगलों में बुधवार 21 मई को नक्सलियों का चीफ नंबाला केशव उर्फ बसवा राजू मारा गया। उस पर डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम था। वह नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का जनरल सेक्रेटरी था। यह नक्सल संगठन में सबसे बड़ा पद है। नक्सली सेनापति के मारे जाने से संगठन की कमर ही टूट गई है। पुलिस इसे नक्सलियों के लिए बड़ा झटका मान रही है। आइए जानते हैं – नक्सली चीफ कौन था, उसकी पृष्ठभूमि क्या थी?

इंजीनियर से बना नक्सल लीडर

बसवा राजू का जन्म 60 के दशक में आंधप्रदेश के जियान्नापेट, कोटाबोम्माली, श्रीकाकुलम में हुआ था। वह एक सामान्य तेलुगु परिवार में जन्मा था। घर में अभाव के चलते उसके मन में कुछ बड़ा करने की चाह थी। इसी वजह से उसने वारंगल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। बताया जाता है कि पढ़ाई के दौरान ही वह कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आ चुका था जो उसे नक्सल आंदोलन के लिए प्रेरित कर रहे थे। उसने 1980 में नक्सल संगठन ज्वाइन किया। इसके बाद वह आंध्र और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग पदों पर रहा। 2004 में वह नक्सलियों की मिलिट्री कमेटी का हेड बना। 2018 तक वह इस पद पर रहा। 2018 में जब सेंट्रल कमेटी जनरल सेक्रेटरी मुपल्ला लक्षमण राव उर्फ गणपति ने संन्यास की घोषणा की तो बसवा राजू को संगठन ने इस पर नियुक्त किया। नक्सल संगठन में यह सबसे बड़ा पद होता है।

आपको बता दें कि बुधवार को बसवा राजू समेत 27 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं। सभी के शव बरामद हो चुके हैं और उन्हें जिला मुख्यालय लाया जा रहा है। बता दें कि इस मुठभेड़ में डीआरजी का एक जवान भी शहीद हुआ है। साथ ही एक जवान घायल भी है। नक्सल इतिहास में पहली बार संगठन के इतने बड़े पद पर बैठा कोई शख्स मारा गया है।

13 नामों से जाना जाता था इंजीनियर बसवा राजू

बसवा राजू को नक्सलियों की सैन्य इकाई का आधार माना जाता है। वह नक्सल संगठन के लिए इतना अहम था कि उसके 13 उपनाम थे। वह हर अलग इलाके में अलग नाम से जाना जाता था। नंबल्ला केशव राव, कृष्णा, विनय, गंगन्ना, प्रकाश, विजय, केशव, बीआर, उमेश, राजू, दारापु नरसिम्हा रेड्डी और नरसिम्हा के नाम से भी जाना जाता था।

बसवराजू सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि वह माओवादी संगठन का मुख्य सैन्य रणनीतिकार का चेहरा था। AK-47 का शौकीन, बम और गुरिल्ला युद्ध में माहिर, और 1.5 करोड़ के इनामी बसवराजू की मौत से नक्सली नेटवर्क को करारा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल से छत्तीसगढ़ तक नक्सलियों को एक सूत्र में पिरोकर रखता था। अब नक्सलियों में बिखराव होगा, जिसका सीधा फायदा नक्सल विरोधी अभियान को मिलेगा।

सुरक्षाबलों पर गर्व
नरेन्द्र मोदी, पीएम

इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए हमें अपने बलों पर गर्व है। हमारी सरकार नक्सलवाद की त्रासदी को दूर करने और लोगों के लिए शांति तथा प्रगति का जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नक्सल की रीढ़ तोड़ी अमित शाह, गृहमंत्री

हमारे सुरक्षा बलों ने 27 खूंखार माओवादियों को मार गिराया। इनमें नंबाला केशव राव, उर्फ बसवा राजू भी शामिल है, जो नक्सल सेंट्रल कमेटी का महासचिव, शीर्ष नेता और नक्सल आंदोलन की रीढ़ था।

मजबूती से लड़ रहे जवान
विष्णुदेव साय, सीएम

नक्सलवाद से हमारे जवान मजबूती से लड़ रहे हैं। डबल इंजन सरकार का भी लाभ मिल रहा है। आज 27 नक्सलियों को मार गिराया है। जवानों के साहस को हम नमन करते हैं।

Spread the word