पाली मुड़ापार में गंभीर जल संकट

पानी के लिए नदी.नालों और तालाबों पर निर्भर

कोरबा 13 मई। प्रदेश सरकार एक तरफ सुशासन तिहार बना रही है लेकिन दूसरी तरफ कोरबा जिले के अंतर्गत पाली विकासखंड का गांव मुड़ापार इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। गर्मी के मौसम में यहां पानी की समस्या और भी विकराल हो गई है। नजदीकी क्षेत्र में खदानों की उपस्थिति और दूसरे कारण से जल स्रोत काफी नीचे चले जाने के कारण लोगों को पानी प्राप्त करना काफी मुश्किल हो रहा है।

ग्राम पंचायत मुड़ापारए जिसकी आबादी तीन हजार से भी अधिक हैए वहां पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि 300 से 400 फीट तक बोरवेल खुदवाने के बाद भी पानी नहीं निकलता। और जिन हैंडपंपों से पानी आता भी हैए वहां से जंग मिला हुआ पानी निकलता हैए जो पीने योग्य नहीं है। इस समस्या को लेकर हमने इस इलाके में रहने वाले कुछ लोगों से बातचीत की जिस पर उन्होंने बताया कि हम रोज सुबह से लाइन में लगते हैंए फिर भी पर्याप्त पानी नहीं मिलता३ कई बार शिकायत कीए कोई सुनवाई नहीं। कई ग्रामीण पानी के लिए नदी.नालों और तालाबों पर निर्भर हैं। महिलाएं और बच्चे कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। यह दृश्य साफ दिखाता है कि मुड़ापार में हालात कितने खराब हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि हमने कई बार अधिकारियों को बताया है, कुछ लोगों ने निजी बोर खुदवाए हैं लेकिन हर किसी के बस की बात नहीं है। गर्मी में हालत और बिगड़ जाती है।

ग्राम पंचायत मुड़ापार की यह हालत एक बड़े सवाल को जन्म देती है। क्या ग्रामीण भारत की बुनियादी समस्याएं आज भी अनसुनी रह जाएंगीघ् स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग कब जागेगाघ् यहां बताना जरूरी होगा कि छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में प्रशासन के द्वारा जल संकट के निवारण को लेकर अपनी ओर से पहल की गई है और एक अभियान शुरू किया गया है जिसे नाम दिया गया है आवा पानी झोंकी। इसके अंतर्गत लोगों को इस बात के लिए तैयार किया जा रहा है की बारिश के मौसम में वे अलग.अलग स्तर पर अधिकतम बारिश के पानी का संरक्षण करेंगे। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अगर बड़े स्तर पर इस प्रकार की कोशिश विभिन्न क्षेत्रों में होती है तो हम सभी अपने यहां वाटर लेवल को काफी अच्छा कर सकते हैं और आने वाले समय में फिर हमें इस तरह की प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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