मोदी की दो टूक: वहां से गोली चलेगी तो यहां से गोला चलेगा, किसी की भी मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं

नईदिल्ली। पाकिस्तान की गिदड़ भभकी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ किया है कि…..”वहां से गोली चलेगी, यहां से गोला चलेगा”. आतंकवाद के मसले पर भारत अब चुप बैठने वाला नही है. ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान को वो जख्म दिए हैं, जिन्हें भरने में लंबा वक्त लगेगा. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने 100 से ज्यादा आतंकियों को जहन्नुम के रास्ते पर भेजने के साथ ही 9 आतंकी अड्डों और पाकिस्तान के सैन्य बुनियादी ढांचों को राख के ढेर में बदल दिया.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही भारत ने दुनियाभर के सहयोगी देशों से बातचीत की थी. इस बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जानकारी भले न दी गई हो, लेकिन भारत ने जिन भी देशों से बातचीत की, उन सभी को साफ तौर पर बता दिया गया था कि इस बार सख्त एक्शन होगा. भारत का रुख इस मामले में बिल्कुल साफ था. सूत्रों के मुताबिक भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी शिविरों पर हमला करने के बाद पाकिस्तान को भी बता दिया था. 7 मई, 2025 की सुबह DGMO लेवल पर जानकारी दी गई थी. आतंकी शिविरों पर मिसाइल स्ट्राइक के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई के बारे में बताया था.
भारत ने अपनी शर्तों पर किया सीजफायर का ऐलान
वहीं शनिवार 10 मई की शाम सीजफायर के लिए पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने और अमेरिका के साथ बातचीत होने के बाद भारत ने अपनी शर्तों पर युद्धविराम का ऐलान किया. सीजफायर से पहले 9 मई, 2025 की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की थी.
किसी की मध्यस्थता की गुंजाइश नहीं
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के साथ सीजफायर की बात तय होने के बाद भारत सरकार ने साफ कर दिया कि PAK के साथ राजनीतिक तौर पर, ईएएम के स्तर पर और एनएसए के स्तर पर कोई बातचीत नहीं होगी. पाकिस्तान के साथ सिर्फ डीजीएमओ स्तर पर ही बातचीत की जाएगी. भारत की ओर से दुनिया को ये साफ संदेश दिया जा चुका है. यानी मध्यस्थता जैसी किसी भी चीज की कोई गुंजाइश नहीं है. वहीं भारतीय सेना की ओर से सैन्य बलों को किसी भी उकसावे वाली कोशिश का हर तरह से मुंहतोड़ जवाब देने की खुली छूट दे दी गई है.
