एसईसीएल प्रबंधन ने साक्षात्कार व मेडिकल परीक्षण की कराई व्यवस्था

कोरबा 04 मई। एसईसीएल बिलासपुर की कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित विभिन्न ग्रामों के रोजगार के लिये लंबित प्रकरण व ग्राम पाली, खोडरी के भू-विस्थापितों को विस्थापित, मुआवजा, रोजगार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्यवाही शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार विगत दिनों एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर द्वारा भू-विस्थापितों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए लगभग 40 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने बावत स्वीकृति आदेश जारी किया था। इसका अनुपालन करते हुए कुसमुंडा महाप्रबंधक सचिन तानाजी पाटिल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा, जिला कोरबा छग से संपर्क कर भू-विस्थापितों के साक्षात्कार सफलतापूर्वक दो चरणों में 28 अप्रैल व 2 मई को संपन्न कराया। इसकी जिम्मेदारी वीरेन्द्र कुमार, स्टाफ अधिकारी (मासं) कुसमुंडा क्षेत्र एवं गुल्लाराम भास्कर, स्टाफ अधिकारी (भूरा) कुसमुंडा क्षेत्र को सौंपी गई थी।
इस प्रक्रिया में पहले महीनों लग जाते थे, लेकिन इस बार एसडीएम कटघोरा (राजस्व) के सहयोग से कम समय में यह संभव हो सका है। महाप्रबंधक, कुसमुण्डा क्षेत्र द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए उपरोक्त विभागों द्वारा डॉ. सुबोध कुमार, क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी, कुसमुंडा क्षेत्र से संपर्क कर 40 भू-विस्थापितों का आईएमई (चिकित्सकीय परीक्षण) कराने केलिये कार्यवाही की गई और क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी द्वारा बिना विलंब किए संबंधित भू-विस्थापितों का आईएमई (चिकित्सकीय परीक्षण) दो दिनों के भीतर संपन्न कर प्रतिवेदन संबंधित विभाग में प्रस्तुत किया। नौकरी के लिये जारी लिस्ट के बाद सभी 40 भू-विस्थापितों के त्वरित साक्षात्कार व मेडिकल परीक्षण होने से उन्हें जल्द से जल्द नौकरी मिलेगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही हैं।
