September 10, 2026
News

नाबालिग के दुष्कर्मी को आरोप सिद्ध होने पर 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

कोरबा 22 अपै्रल। जिले में एक नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का झांसा देते हुए कई बार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप न्यायालय में सिद्ध होने पर न्यायालय ने युवक को सश्रम कारावास सहित 12 हजार अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।

जानकारी के अनुसार अप्रैल 2024 को पीड़िता ने थाना सिविल लाईन रामपुर, कोरबा में लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी, कि वह कोरबा जिले के एक ग्राम में निवासरत उसकी मौसी के यहां अकसर आना-जाना करती थी तथा उसकी बुआ की बेटी का विवाह भी उसी ग्राम में हुआ था। वह उक्त ग्राम में छ‌ट्ठी कार्यक्रम में नवम्बर 2020 को गई थी, जहां पर उस ग्राम में निवासरत एक युवक से उसकी जान-पहचान परिचय हुआ। तब युवक ने उससे प्यार का इजहार कर शादी करने की बात कही।

पीड़िता लगभग छः माह पश्चात् दुबारा ग्राम में गयी तो कथित आरोपी ने उसे अपने खेत में मिलने के लिये बुलाया जहां जाने पर पीड़िता को शादी का झांसा देकर तथा उसके विरोध करने के बावजूद उसके साथ शारीरिक संबंध बनाये तथा उसके बाद लगातार पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाते रहा। अप्रैल 2024 को आखिरी बार कथित आरोपी से उसकी मुलाकात हुई तब भी उसने पीडिता को शादी का आश्वासन दिया। उसके द्वारा लगातार समय-समय पर अलग-अलग जगहों में पीडिता को शादी का झांसा देकर तथा पीडिता को विश्वास में लेकर उसके नाबालिग होने के बावजूद उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा और शादी नहीं किया।

पुलिस द्वारा अपराध दर्ज कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचाराधीन प्रकरण में अपर सेशन न्यायाधीश डॉ. ममता भोजवानी ने धारा 376 (2) (द) भा.द.सं. 1860 एवं धारा-06 पॉक्सो एक्ट 2012 में कथित आरोपी को दोषसिद्ध पाने पर 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर 3 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जाएगा। प्रकरण में शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने पैरवी की।