कोरबा नगर निगम सभापति का चुनाव: भाजपा में अनुशासन रहेगा या तार – तार होता रहेगा?

श्रममंत्री लखनलाल देवांगन और जिला भाजपा अध्यक्ष मनोज शर्मा के विरोधाभाषी बयान से निर्मित हो रही भ्रम की स्थिति…!

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी का अनुशासन तोड़ने वालों को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कोरबा विधायक और प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने जहां सभापति को पार्टी का बताया है, वहीं जिला भाजपा अध्यक्ष मनोज शर्मा ने पार्टी के खिलाफ जाने वालों पर कड़ी करवाई किए जाने की बात कही है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी का अनुशासन तार तार होकर बिखर गया। नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति के चुनाव में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद, भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। जबकि भाजपा का ही बागी प्रत्याशी सभापति चुन लिया गया। चुनाव में दूसरे स्थान पर एक निर्दलीय प्रत्याशी रहा।

हाल ही में संपन्न नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने पूरे प्रदेश के साथ ही कोरबा जिले में भी प्रचंड जीत दर्ज की थी। नगर पालिक निगम कोरबा में भाजपा के महापौर प्रत्याशी ने 50 हजार वोट से जीत हासिल की थी। साथ ही नगर पालिक निगम के 67 में 45 पार्षद बीजेपी के चुनकर आए थे। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के 11 और इतने ही निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतने में सफल हुए थे। इस लिहाज से सभापति चुनाव में भाजपा की विजय सुनिश्चित माना जा रहा था।

शनिवार को सभापति का चुनाव सम्पन्न हुआ। भाजपा ने तीसरी बार नगर निगम में सबसे अधिक वोट से जीतकर आए अपने वरिष्ठ पार्षद हितानंद अग्रवाल को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया। इसके विरोध में भाजपा के ही पहली बार पार्षद निर्वाचित होकर नगर निगम पहुंचे नूतन सिंह ठाकुर ने नामांकन दाखिल कर दिया। भाजपा से ही बगावत कर पार्षद चुने गए अब्दुल रहमान ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भर दिया।

मतदान के बाद चुनाव परिणाम घोषित हुआ तो सब स्तब्ध रह गए। भाजपा के बागी प्रत्याशी नूतन सिंह राजपूत 33 वोट के साथ सभापति चुन लिए गए। निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रहमान(18) दूसरे और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल (16) तीसरे पायदान पर रहे।

पार्टी की करारी हार और अनुशासनहीनता के बाद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक हड़कंप मच गया है। कोरबा जिला भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में कार्य करने वालों पर सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठन ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। प्रदेश स्तरीय समिति मामले की जांच करेगी।

दूसरी ओर, इस संबंध में कोरबा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक और प्रदेश के श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि प्रदेश नेतृत्व ने हितानंद अग्रवाल को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन यहां के पार्षदों ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, जिसे हमें मानना पड़ा।

यहां उल्लेखनीय है कि प्रदेश भाजपा ने वरिष्ठ पार्टी नेता और विधायक पुरंदर मिश्रा को चुनाव प्रभारी बनाकर कोरबा भेजा था। उन्होंने पार्षदों की बैठक लेकर उन्हें पार्टी के निर्णय से अवगत करा दिया था। साथ ही उन्होंने, पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल के पक्ष में मतदान करने का निर्देश पार्षदों को दिया था। मतदान के दौरान वह स्वयं भी मतदान स्थल के बाहर उपस्थित थे। इस स्थिति में पार्टी उनसे भी क्रास वोटिंग को लेकर उनसे तथ्यात्मक जानकारी मांग सकती है।

बहरहाल, भाजपा के जिला अध्यक्ष मनोज शर्मा और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के विरोधाभाषी बयान से भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है। भ्रम यह है कि पार्टी के निर्देश की अवहेलना करने वालों को श्रम मंत्री के कथनानुसार चुनाव परिणाम आने के बाद माफ कर दिया गया है अथवा जिला भाजपा अध्यक्ष के बयान के मुताबिक ऐसे सभी लोगों के विरुद्ध अनुशासन की कार्रवाई की जाएगी? बहरहाल अभी कोई भी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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