प्रयागराज महाकुंभ जाते हादसे में मृत श्रद्धालुओं का हुआ अंतिम संस्कार, बस्तीवासियों की भर आई आंखें

छत्तीसगढ़ शासन की ओर से सभी मृतकों के परिजनों को एक एक लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की श्रम मंत्री ने

कोरबा 17 फरवरी। छत्तीसगढ़ के कोरबा से महाकुंभ प्रयागराज में गंगा स्नान के लिए जाते समय दुर्घटना का शिकार होकर मृत 10 श्रद्धालुओं का शव रविवार की देर रात कोरबा पहुचा। आज सोमवार को पूर्वान्ह इनमें से 6 मृतकों के अंतिम संस्कार दर्री के श्मशान घाट में किया गया। जबकि 4 मृतकों के शव उनके मुंगेली जिला के लोरमी तहसील स्थित गृह ग्राम ले जाया गया।

आज सुबह जिले के दर्री थाना क्षेत्र की कलमी डुग्गू बस्ती से मृतकों की सामूहिक अंतिम निकली तो पूरी बस्ती के निवासियों की आँखें भर आईं। मृतकों की अंतिम यात्रा श्मशान घाट पहुंची तो 4 शवों का अग्नि संस्कार किया गया, जबकि दो मृतकों को उनकी पारिवारिक परम्परा के अनुसार कब्र में दफन किया गया।

कलमी डुग्गू बस्ती में आज सुबह से क्षेत्र के विभिन्न दलों के जन प्रतिनिधियों ने पहुंच कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राज्य शासन की ओर से सभी मृतकों के परिजनों को एक एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावे मृतकों के परिजनों को शासन की योजना के तहत पृथक से क्षति पूर्ति राशि का भी भुगतान किया जाएगा।

आपको बता दें कि कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र के 10 श्रद्धालु महाकुम्भ में गंगा स्नान के लिए बोलेरो वाहन में सवार होकर शुक्रवार को प्रयागराज रवाना हुए थे। रात 2,30 बजे उनका वाहन प्रयागराज के मेज थाना क्षेत्र में सामने से आ रही बस से टकरा गई। हादसे में कोरबा के सभी 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 19 श्रद्धालु भी घायल हो गए थे। हादसे की सूचना पाकर मृतकों के परिजन शनिवार को प्रयागराज रवाना हो गए थे, जो रविवार की देर रात सभी शव को साथ लेकर कोरबा पहुंचे। चार मृतकों के शव उनके मुंगेली जिला में गृह ग्राम भेज दिए गए, जबकि छह का कोरबा में अंतिम संस्कार किया गया।

इस हादसे का एक दुखद पहलू यह है कि मृतकों में संतोष कुमार सोनी और सौरभ सोनी पिता पुत्र थे और ईश्वरी प्रसाद जायसवाल और भागीरथी जायसवाल जीजा साला थे।

Spread the word