AK-47 लेकर नक्सल मोर्चे पर डटी रहने वाली महिला कमांडो ने किया गरबा-डांडिया, शहीद परिवारों ने भी लिया हिस्सा

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जहां हाथों में एके-47 लेकर नक्सल मोर्चे पर दुश्मनों का सामना करने वाली महिला कमांडो गरबा-डांडिया की धुन पर थिरकती नजर आईं। कर्तव्य के मोर्चे पर बहादुरी दिखाने वाली महिला जवानों ने उत्साह के साथ सांस्कृतिक आयोजन में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में पुलिस परिवारों की महिलाओं और बच्चों के साथ शहीद परिवारों की महिलाओं और बच्चों ने भी भाग लिया।

पुलिस लाइन में पहली बार हुआ गरबा-डांडिया आयोजन

जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर की पहल पर पहली बार एक दिवसीय गरबा-डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लंबे समय से नक्सल मोर्चे पर तैनात महिला कमांडो और दुर्गा फाइटर की महिला जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

आयोजन में पुलिस परिवारों और शहीद परिवारों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। गरबा-डांडिया की धुन पर महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ नृत्य किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल उमंग और उल्लास से भर गया।

वर्दी की जिम्मेदारियों के बीच दिखा उत्सव का रंग

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच ड्यूटी निभाने वाली महिला कमांडो के लिए यह आयोजन अपनी नियमित दिनचर्या से अलग उत्सव में शामिल होने का अवसर बना। आमतौर पर हथियार लेकर सुरक्षा मोर्चे पर तैनात रहने वाली इन महिला जवानों ने गरबा-डांडिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस परिवारों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना और जवानों के परिवारों को आपसी मेल-मिलाप का अवसर देना रहा।

अधिकारियों ने बढ़ाया महिला जवानों का हौसला

कार्यक्रम में सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह, कलेक्टर अमित कुमार, एसपी मयंक गुर्जर, एएसपी रोहित शाह, एएसपी मनोज तिर्की, एसडीओ वन विभाग परख सारडा और रक्षित केंद्र अधिकारी रवि उपाध्याय अपने परिवारों के साथ मौजूद रहे।

अधिकारियों की मौजूदगी से महिला प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा। पुलिस परिवारों और शहीद परिवारों की महिलाओं तथा बच्चों को एक मंच पर लाने वाला यह आयोजन आपसी जुड़ाव और सामुदायिक भावना को मजबूत करने की पहल के रूप में खास रहा।

महिला कमांडो की बहादुरी के साथ दिखा हुनर का नया रंग

सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाली महिला कमांडो की गरबा-डांडिया में भागीदारी ने यह दिखाया कि कठिन ड्यूटी के बीच भी सांस्कृतिक गतिविधियां उत्साह और सकारात्मकता का अवसर देती हैं। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में बहादुरी, पारिवारिक एकजुटता और सांस्कृतिक उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला।

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