गौवंश के साथ क्रूरता, आरोपी जेल दाखिल

कोरबा, 12 अक्टूबर। गौवंश संरक्षण के साथ उनके प्रति होने वाले अत्याचार के रोकथाम के लिए सरकार ने प्रतिषेध अधिनियम बना रखा है। इसमें कड़े दंड विधान बनाए गए हैं। इसके बाद भी गौ हत्या के साथ मांस के उपयोग के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। बांगों पुलिस ने विजय रोहिदास को उसकी करतूत के लिए गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
बताया गया कि उसके कब्जे से गौ मांस मिला था। मुखबीर के जरिये यह खबर मिली और पुलिस ने कार्यवाही की। पोड़ी उपरोड़ा में रोहिदास के एक ठिकाने पर पुलिस ने दबिश देने के साथ मौके से संबंधित सामान बरामद किया। पूरा मामला काफी संवेदनशील था। इसलिए त्वरित एक्शन लेने के साथ प्रतिशेध अधिनियम के साथ-साथ अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराने के साथ अगली कार्यवाही पूरी की गई। इस मामले में आरोपी विजय रोहीदास को कोर्ट में पेशकरने के साथ वहां से हुए आदेश के तहत जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि पशु तस्करी और गौवंश के साथ अप्रत्याशित घटनाओं की रोकथाम को लेकर जरूरी उपाय किये जा रहे हैं।
एक बार फिर गौमांस की जप्ती ने कई सवालों को जन्म दे दिया है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण से चल रहा है और दोषियों की मानसिकता आखिर इस कदर विकृत क्यों हो गई है। याद रहे कुछ महीने पहले ही कोरबा कोतवाली के मोतसागरपारा और सीतामढ़ी में दो जगह ऐसे ही मामले को लेकर भारी बवाल हुआ था। इन स्थान पर की गई कार्रवाई में डीप फ्रीजर से बड़ी मात्रा में गौमांस सहित अन्य चीजें मिली थी। हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की और आरोपियों को जेल का रास्ता दिखाया। इन सबके बावजूद पूरे मामले में मास्टर माइंस का पता नहीं चल सका कि नेटवर्क का संचालन करने में बड़ी भूमिका किसकी है।
