गैंगरेप मामले में कोर्ट का बड़ा फैसलाः दो दोषियों को 20-20 साल की कठोर सजा

कोरबा, 1 अक्टूबर। लेमरू थाना क्षेत्र के गैंगरेप मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला गवाहों के बयान, पुलिस जांच, मेडिकल साक्ष्यों और एफएसएल-डीएनए रिपोर्ट के आधार पर सुनाया। दोनों दोषियों की पहचान हसरुहन मंझवार और अजय सिंह के रूप में हुई है।

अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी के अनुसार, दोनों आरोपी उसी गांव के रहने वाले हैं। पीड़िता गांव में अकेली रहती थी। आरोप है कि रात के समय दोनों आरोपी उसके घर में जबरन घुसे और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़िता ने सुबह लेमरू थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में घटना से इनकार कर दिया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट आने तक सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। पुलिस ने आरोपियों के डीएनए सैंपल समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए एफएसएल भेजा था। रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य मिले। इसके बाद कोर्ट ने पीड़िता का दोबारा बयान दर्ज कराया। दूसरे बयान में पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद डर और दबाव के कारण उसने अदालत में पहले वारदात से इनकार किया था। बाद में उसने अपने साथ गैंगरेप होने की बात स्वीकार की।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष गवाहों के बयान, पुलिस की जांच, मेडिकल साक्ष्य और एफएसएल-डीएनए रिपोर्ट पेश की। उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने हसरुहन मंझवार और अजय सिंह को दोषी ठहराया।

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