मणिपुर में भड़की हिंसा: सेनापति जिले में दो लोगों की हत्या, उग्रवादियों ने दिनदहाड़े बरसाईं गोलियां

इंफाल। मणिपुर के सेनापति जिले में शनिवार को उग्रवादियों ने नगा समुदाय के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में दो लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला नगा-बहुल जिले के कालाजान गांव में दोपहर करीब तीन बजे किया गया।

अधिकारियों ने पहले कहा था कि यह घटना कांगपोकपी जिले में हुई थी। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इसे हिंसा का कायरतापूर्ण कृत्य बताया है।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी इन हत्याओं की निंदा की और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इस साल 60 से ज़्यादा हत्याएं हुई हैं।मृतकों की पहचान राकी माओ और कुमार पौमाई के तौर पर हुई है। इस हमले में घायल अदानी मानियो और आशीहो सानी को सेनापति जिले के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा, राकी और पौमाई की हत्या बहुत चिंता की बात है। हथियारबंद उग्रवादी उनके घरों में घुसे और सोते समय उन्हें गोली मार दी। हम कब तक लाशें गिनते रहेंगे। जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं और बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में लाएं? यूनाइटेड नागा काउंसिल द्वारा राज्य में नेशनल हाईवे पर चार महीने से चल रही आर्थिक नाकेबंदी को रोकने का फैसला करने से एक घंटे पहले यह हमला किया गया।

इससे पहले 24 सितंबर की रात अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कामजोंग जिले में म्यांमार उग्रवादियों ने चार तांगखुल नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस महीने तामेंगलोंग, कांगपोकपी, नोनी और कामजोंग जिलों में उग्रवादियों की गोलीबारी की अलग अलग घटनाओं में 13 लोग मारे गए हैं।

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