एनएचएआई प्रबंधन की उदासीनताः राष्ट्रीय राजमार्ग से मवेशी नहीं हटाए जा सकते, तो टोल टैक्स वसूलने का अधिकार भी नहीं ? फरमान नहीं चढ़ा परवान, एनएच-149 बी उरगा -चाम्पा मार्ग में मवेशियों का जमघट, हादसों को दे रहा न्यौता

कोरबा 20 सितंबर। यदि राष्ट्रीय राजमार्ग से मवेशी नहीं हटाए जा सकते, तो एनएचएआई को टोल टैक्स वसूलने का अधिकार भी नहीं ?छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े और हादसों को रोकने के संबंध में सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी आई थी। जनहित याचिका में मांग की गई थी कि यदि सड़कों से मवेशी नहीं हटाए जा सकते, तो टोल टैक्स वसूलने का अधिकार भी नहीं होना चाहिए। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे और प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों के कारण बढ़ते हादसों पर चिंता जताई थी।

अदालत ने मुख्य सचिव से शपथपत्र के साथ रोड मैप की मांग की थी। लेकिन आज करीब साल भर बाद भी स्थिति यथावत है। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 149 बी उरगा -चाम्पा मार्ग में हाईकोर्ट का फरमान परवान चढ़ता नजर नहीं आ रहा। पताढ़ी पहंदा से लेकर सरगबुंदिया,मड़वारानी ,कोथारी,पचपेड़ी जमनीपाली टोल नाका तक मार्ग में मवेशियों का जमघट लग रहा। जो भावी बड़े हादसों को न्यौता दे रहा है। एनएचएआई प्रबंधन की उदासीनता, लापरवाही ने मवेशियों से लेकर आम जन की जान खतरे में डाल दी है।

इस पूरे मार्ग में आए दिन मवेशियों का जमघट लग रहा। सोमवार को सरगबुंदिया के समीप दर्जनों गाय -बैल के झुंड फोरलेन में विचरण करते नजर आए। जिससे वाहन चालक जूझते हुए नजर आए। मविशियों का यह जमघट पताढ़ी उरगा तक नजर आया। दिन में किसी तरह लोग वाहनों पर नियंत्रण कर ले रहे हैं। लेकिन शाम रात्रि में यह गंभीर अव्यवस्था ,लापरवाही मवेशियों से लेकर आम जन की जिंदगी खतरे में डाल सकती है। महज टोल वसूली से सरोकार रखने वाले एनएचएआई के जिम्मेदार अफसरों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर उचित पहल करनी चाहिए। नहीं तो इस मार्ग में सन्निकट भाविष्य में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मवेशियों के जमघट ने एनएचएआई के टोल वसूली वाले मार्ग में नियमित पेट्रोलिंग के दावों की भी हवा निकालकर रख दी है। लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश भी है। जनता आखिर जानना चाहती है कि टोल टैक्स लेकर एनएचएआई इस मार्ग में मवेशी मुक्त आखिर कब करेगी ? यदि नहीं कर पा रही तो टोल वसूली किस आधार से की जा रही ?बहरहाल यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में जनता स्वयं उचित मंच और तरीकों से जिम्मदारों से इसका जवाब मांगेगी।

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