टूट-फूट और डीजल खपत में अंतर की राशि वसूली पर टकराव, संगठन ने प्रदर्शन कर किया विरोध

कोरबा 13 सितंबर। एसईसीएल की मानिकपुर परियोजना में कोयला परिवहन कार्य से जुड़ी एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के खिलाफ विस्थापित संगठन के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ट्रक चालकों से कथित तौर पर अमानत राशि के नाम पर एक लाख रुपए जमा कराने का विरोध किया है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा अपने यहां नियोजित ट्रक चालकों से 10 रुपए के स्टांप पर एक अनुबंध कराया जा रहा है। इसमें चालकों से अमानत राशि के तौर पर एक लाख रुपए जमा कराने की बात कही जा रही है। आरोप है कि वाहन में डीजल की उपयोगिता, टूट-फूट अथवा अन्य किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर उक्त राशि से कटौती किए जाने का प्रावधान रखा गया है।

विस्थापित संगठन के सदस्यों ने कहा कि ट्रक चालक पहले से ही विभिन्न परिस्थितियों में काम करते हैं। ऐसे में उनसे इतनी बड़ी राशि अमानत के रूप में लेना उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने कंपनी की इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। अमन पटेल ने कहा कि ट्रक चालकों पर इस तरह की शर्तें थोपे जाने का संगठन विरोध करता है। उन्होंने कहा कि चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आगे भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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