गणेश चतुर्थी कलः पंडालों में पहुंची गणेश प्रतिमाएं

कोरबा 13 सितंबर। प्रथम पूज्य एवं विघ्न विनाशक भगवान गणपति का उत्सव भादो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से प्रारंभ होगा। सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रतिमाएं स्थापित होंगीं। सुविधा के अंतर्गत कई आयोजन समितियों ने पंडाल में गणेश प्रतिमाएं धूमधाम के साथ पहुंच गई। चतुर्थी से पूरे उत्सव के दौरान खास वातावरण रहेगा।

गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक पंडालों में गणपति की स्थापना की तैयारी कर रहे हैं, जबकि कई परिवार अपने घरों में भी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। उत्सव की शुरुआत से पहले मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। कहीं प्रतिमाओं की रंगाई-पुताई की जा रही है तो कहीं मुकुट, आभूषण और अन्य सजावटी हिस्सों को तैयार किया जा रहा है।

मूर्तिकारों का कहना है कि प्रतिमा निर्माण में कई दिनों की मेहनत और बड़ी संख्या में श्रमिकों का सहयोग लगता है। छोटी प्रतिमाओं से लेकर बड़े सार्वजनिक पंडालों के लिए तैयार की जा रही विशाल प्रतिमाओं तक, हर प्रतिमा को आकार देने, सुखाने, रंगने और सजाने में काफी समय लगता है। यही वजह है कि लागत बढने के बावजूद मूर्तिकारों को उचित मेहनताना मिलना जरूरी है।

इधर, श्रद्धालुओं का कहना है कि गणेशोत्सव उनके लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व है। भगवान गणेश की प्रतिमा खरीदते समय अधिकांश लोग कीमत से अधिक प्रतिमा की सुंदरता और अपनी श्रद्धा को महत्व देते हैं। यही कारण है कि प्रतिमाओं की कीमत में कुछ बढ़ोतरी के बावजूद गणपति स्थापना को लेकर उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। गणेश चतुर्थी के साथ ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला भी शुरू होगा। पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना के बाद प्रतिदिन पूजा-अर्चना और आरती के साथ विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। विसर्जन तक शहर में गणेशोत्सव का उल्लास और भक्ति का माहौल बना रहने की उम्मीद है।

गणेश जी की स्थापना से पहले कई कैंप में मूर्तिकार प्रतिमाओं को फाइनल टच दे रहें हैं, ताकि संबंधित पार्टियों के द्वारा बुक प्रतिमाएं जल्द पिकअप की जा सके। सीतामढ़ी क्षेत्र के एक मूर्तिकार ने बताया कि इस वर्ष प्रतिमा निर्माण में लगने वाले कच्चे माल के दाम के साथ श्रमिकों की मजदूरी में भी वृद्धि हुई है। मिट्टी, रंग, सजावटी सामग्री सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमत बढने से प्रतिमाओं की लागत में इजाफा हुआ है। इसका असर प्रतिमाओं की बिक्री कीमत पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार खरीदारों को गणेश प्रतिमाओं के लिए कुछ अधिक राशि खर्च करनी पड़ सकती है।

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