कही-सुनी (06 SEPT-26) : रवि भोई

भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव आमने-सामने

कहते हैं कि प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनवाने के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव आमने-सामने आ गए हैं। बताते हैं भूपेश बघेल प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सत्येंद्र चेलक के पक्ष में हैं, तो देवेंद्र यादव शैलेन्द्र बंजारे का समर्थन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब देवेंद्र यादव को उनका काफी करीबी माना जाता था। लोग यहां तक कहते थे कि भूपेश बघेल गुरु और देवेंद्र यादव उनके चेले हैं। भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव दोनों ही दुर्ग के कांग्रेस नेता हैं। लोगों का मानना है कि सत्ता गई और निष्ठा भी बदली। देवेंद्र यादव ने भूपेश बघेल को छोड़कर नई लाइन बनानी शुरू कर दी। बिलासपुर से लोकसभा उम्मीदवार बन गए। चर्चा है कि देवेंद्र यादव यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर अपने समर्थक को बैठकर नया राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं, वहीं भूपेश बघेल अपने केंडिडेट को यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष का ताज दिलवाकर संगठन में मजबूत पकड़ का अहसास कराना चाहते हैं। हल्ला है कि भूपेश बघेल के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक का पूर्व मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया भी विरोध कर रहे हैं। डॉ डहरिया आरंग विधानसभा के पूर्व विधायक हैं और सत्येंद्र चेलक की राजनीतिक जड़ें आरंग में हैं। बताते हैं यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चेलक का समर्थन करने को लेकर भूपेश बघेल और डॉ शिव डहरिया में तलवारें खिंच गईं हैं। बताते हैं नए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के लिए पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव सत्येंद्र चेलक की जगह शैलेन्द्र बंजारे के पक्ष में हैं। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के बहाने कांग्रेस के भीतर घमासान मचा है, तो पार्टी के बड़े नेता अपनी ताकत दिखाने में लगे हैं। अब देखते हैं यूथ कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी किसे मिलती है।

अनिल टुटेजा पर खतरे का बादल

हल्ला है कि डीएमएफ मामले में ईडी रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा पर फंदा कस सकती है। सुनने में आ रहा है कि ईडी ने कुछ दिनों पहले अनिल टुटेजा से डीएमएफ मामले में घंटों पूछताछ की। इस पूछताछ के बाद कहा जाने लगा है कि अनिल टुटेजा पर फिर खतरे के बादल मंडराने लगा है। शराब और कोयला मामले में महीनों जेल में रहने के बाद अनिल टुटेजा जमानत पर हैं। ईडी पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर लगातार अभियान चलाए हुए है। पिछले दिनों पीएससी घोटाले को लेकर भूपेश बघेल के पीए के घर छापे की कार्रवाई की। कांग्रेस सरकार में कई मामलों में केंद्र में रहे रामगोपाल अग्रवाल अभी जेल में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ईडी के कदम और सख्त होने की खबर है।

जमीन सुधारने में लगे भाजपा और संघ के नेता

कहते हैं कि भाजपा और संघ के नेता विधानसभा चुनाव से पहले जमीन ठीक करने में लग गए हैं। भाजपा और संघ के नेताओं के टारगेट में अभी बस्तर संभाग है। सुनने में आ रहा है कि भाजपा संगठन से जुड़े एक नेता बस्तर संभाग के सभी विकासखंडों में दौरे का प्लान बनाया है। कुछ विकासखंडों में दौरा भी कर आए हैं। बताते हैं जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए संघ ने डाक्टरों की टीम बनाई है। डाक्टरों का दल आदिवासियों के बीच जाकर दवाई बाँट रहे हैं, साथ में नक्सली उन्मूलन के फायदे भी गिना रहे हैं। सुनने में आ रहा है कि डाक्टरों की बातों के उलट बस्तर के आदिवासी मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। अब देखते हैं विधानसभा चुनाव तक भाजपा और संघ के नेता कितना माहौल बदल सकते हैं।

पूर्व मुख्य सचिव का बिल्डरों से नाता

चर्चा है कि छत्तीसगढ़ के एक पूर्व मुख्य सचिव का राज्य के कई बिल्डरों से गहरा नाता है। पूर्व मुख्य सचिव महोदय छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद यही के होकर रह गए। केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर नहीं गए। कांग्रेस और भाजपा की सरकारों में मलाईदार पदों में रहे। सेवा अवधि में कई पदों पर काम किया और रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें कुर्सी मिली। कहते हैं कि इस दौरान कई बिल्डर उनके गहरे संपर्क में आए और कुछ से गड़जोड़ भी बना। वैसे हल्ला है कि पूर्व मुख्य सचिव साहब भारत से नाता तोड़कर विदेश में बसने की जुगत में हैं। इसी मकसद से अपनी जायदाद का निपटारा करने में भी लगे हैं। अब देखते हैं आगे क्या होता है।

पुलिस महकमे में डीजी के नए पद की कवायद

कहते हैं कि सरकार पुलिस महकमे में स्पेशल डीजी के तीन नए पद बनाने की कवायद में लगी है। स्पेशल डीजी के तीन नए पद बन जाने से एडीजी एसआरपी कल्लूरी, प्रदीप गुप्ता और विवेकानंद को प्रमोशन दिया जा सके। छत्तीसगढ़ में डीजी के दो कैडर पोस्ट हैं। इसके विरुद्ध डीजी के दो पद स्वीकृत है। डीजी के चार पदों में अरुणदेव गौतम डीजीपी के अलावा पवनदेव, जीपी सिंह और हिमांशु गुप्ता तैनात हैं। डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में मुकेश गुप्ता, संजय पिल्लै और आर के विज को स्पेशल डीजी बनाया गया था। भारत सरकार से अनुमति नहीं मिलने पर सरकार को फैसला बदलना पड़ा। हालांकि विष्णुदेव साय के राज में उसे ठीक कर दिया गया। साय सरकार डीजी के तीन पद सृजित करने में लगी है। अब देखते हैं कब तक अस्तित्व में आता है और उस पर केंद्र की मुहर लगती हैं या नहीं।

फिर चर्चा में डांगी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक निर्देश के बाद आईपीएस रतनलाल डांगी फिर सुर्ख़ियों में आ गए हैं। एक महिला के आरोप के बाद चर्चा में आए आईपीएस डांगी अभी बिना काम के चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार को डांगी के मामले में एक सप्ताह के भीतर दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए निर्देश के बाद रतनलाल डांगी की मुश्किलें बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

(लेखक पत्रिका समवेत सृजन के प्रबंध संपादक और स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

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