17 गौवंश हादसे की चपेट मेंः आक्रोशित गौसेवकों ने किया चक्काजाम, सीएसपी की समझाइश पर खुला रास्ता

कोरबा 14 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दर्री में शुक्रवार रात गौवंशों के साथ हुए दर्दनाक हादसे के बाद माहौल गरमा गया। भवानी मंदिर के पास पुलिया में 17 गौवंशों के दुर्घटना की चपेट में आने की खबर सामने आने के बाद गौसेवकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में गौसेवकों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भवानी मंदिर के समीप पुलिया के पास 17 गौवंश दुर्घटना की चपेट में आ गए। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी वाहन की भूमिका थी या नहीं, इसे लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में गौसेवक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सड़क पर भीड़ जुट गई और घटना को लेकर नाराजगी बढ़ गई।

गौवंशों के हादसे से नाराज गौसेवकों ने मौके पर ही चक्काजाम कर दिया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए हादसे की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही सड़क पर घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा और ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी उठाई गई।

चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। दर्री सीएसपी गिरिजा शंकर साव ने गौसेवकों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी। पुलिस की मध्यस्थता के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद सड़क पर यातायात बहाल हो सका।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। हादसा कैसे हुआ, गौवंश दुर्घटना की चपेट में किस तरह आए और इसमें किसी वाहन या व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

दर्री की इस घटना ने एक बार फिर सड़कों पर घूमने वाले गौवंशों की सुरक्षा और सड़क हादसों की रोकथाम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और गौसेवकों ने प्रशासन से इस दिशा में प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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