होर्मुज पर अब मोजतबा के खास रखेंगे सीधी नजर

ईरानः आईआरजीसी के पूर्व चीफ बन सुरक्षा प्रमुख
तेहरान. ईरान में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के रिश्तों में कथित तल्खी के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (आईआरजीसी) की ताकत बढ़ी है। अब आईआरजीसी के पूर्व प्रमुख मोहसिन रेजाई को देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् का अध्यक्ष बनाया गया है। यही परिषद देश के रणनीतिक फैसले लेत है। रेजाई ने मोहम्मद बाकिर जोलघद्र की जगह ली है। बाकिर मोजतबा के राजनीतिक सलाहकार बनेंगे। इन दोनों से पहले परिषद के अध्यक्ष अली लारीजानी थे जो मार्च में हुए हमले में मारे गए थे।
71 साल के रेजाई ने 1981 से 1997 तक आईआरजीसी की कमान संभाली थी चब ईरान-इराक युद्ध हुआ था। 1994 में अर्जेंटीना मैं यहूदी कम्युनिटी सेंटर पर हुए बम धमाके में कथित भूमिका के लिए उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी है। रेजाई ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से किसी भी अनधिकृत रास्ते की इजाजत कभी नहीं देगा। उन्होंने कहा था कि होर्मुज पर नियंत्रण दर्जनों परमाणु बर्मा से ज्यादा जरूरी है।
‘होर्मुज का कोई सैन्य समाधान नहीं’
ईरान की संसद के उपाध्यक्ष अली निकजाद ने कहा है कि होर्मुज युद्ध से पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं लौटेगा। इसका कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने विरोधी देश को आक्रामक दुश्मन बताते हुए कहा कि इस संदेश को युद्ध के दौरान ही स्पष्ट कर दिया गया था।
अमरीका के 20 जहाज हैं तैनात
अमरीका ने बताया है कि सेना ने अब तक 55 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया है, जबकि दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो की जांच की गई। अमरीका ने इस अभियान के लिए मध्य-पूर्व में 20 युद्धपोत तैनात कर रखे हैं।
