रिश्वत लेने के आरोप में कटघोरा थाने के दो आरक्षक निलंबित, SP सिद्धार्थ तिवारी की सख्त कार्रवाई

कोरबा, 6 अगस्त। कोरबा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कटघोरा थाने में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा था। प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जारी आदेश के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को एक आवेदक ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि कटघोरा थाना में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 747 प्रदीप राठौर और आरक्षक क्रमांक 529 रामभवन पटेल ने एक मामले में कार्रवाई के नाम पर उससे अवैध रूप से रुपये लिए।
शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच एसडीओपी कटघोरा को सौंपी गई।
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
जांच प्रतिवेदन में दोनों आरक्षकों पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, संदिग्ध कार्यशैली, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने का उल्लेख किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उनका आचरण पुलिस रेगुलेशन के प्रावधानों के विपरीत पाया गया और विभागीय नियमों के अनुरूप अपेक्षित सुधार भी नहीं दिखा।
SP सिद्धार्थ तिवारी ने किया निलंबित
प्रारंभिक जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने दोनों आरक्षकों प्रदीप राठौर और रामभवन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय पुलिस लाइन, कोरबा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
