जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ, बारिश के बीच गर्भगृह से बाहर निकले भगवान जगन्नाथ

पुरी, 16 जुलाई । ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की दिव्य रथ यात्रा सभी के बीच आस्था, एकता, समानता, भाईचारे और मानवता की भावना को और मजबूत करे। उन्होंने भगवान से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

वहीं, मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि करोड़ों ओडिय़ा लोगों के आराध्य भगवान जगन्नाथ की कृपा से राज्य निरंतर प्रगति करे और हर व्यक्ति का जीवन खुशहाली से भर जाए। पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के तहत सबसे पहले भगवान सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ को गर्भगृह से बाहर लाकर उनके भव्य रथों नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन तक पहुंचाया जा रहा है। रथों पर विराजमान होने से पहले तीनों देवता नए रथों की परिक्रमा करेंगे और रथ बीजे अनुष्ठान के बाद उन्हें सिंहासन पर स्थापित किया जाएगा।

इसके बाद गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती विशेष पूजा-अर्चना करेंगे, जबकि पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव पारंपरिक छेरा पहंरा अनुष्ठान के तहत स्वर्ण जडि़त झाड़ू से तीनों रथों की सफाई कर सुगंधित पवित्र जल का छिडक़ाव करेंगे। सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने और रथों में लकड़ी के घोड़े जोड़े जाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे श्रद्धालु रथों को खींचना शुरू करेंगे। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ, फिर देवी सुभद्रा का दर्पदलन और अंत में भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना होगा। ओडिशा के पुरी में लगातार हो रही भारी बारिश के बावजूद करीब दो लाख श्रद्धालु पहले पहुंच चुके हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है।

रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर पुरी में 143.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते प्रशासन ने ग्रैंड रोड पर जलभराव से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर तक रथों की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। भगवान जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर ओडिशा के पुरी बीच पर प्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने अपनी अनूठी कला से श्रद्धा अर्पित की। उन्होंने समुद्र तट की रेत पर महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य आकृति के साथ 100 लघु रेत के रथ (मिनिएचर सैंड चैरियट) तैयार किए। उनकी इस आकर्षक कलाकृति ने रथ यात्रा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया।

पुरी बीच पर बनाई गई यह विशेष सैंड आर्ट श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी रही, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर इस अद्भुत कलाकृति का अवलोकन किया। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की पावन रथ यात्रा का शुभ दिन है। उन्होंने कहा कि कुछ ही देर में महाप्रभु मंदिर से बाहर निकलेंगे और पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के बीच रथ पर विराजमान होंगे।


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पवित्र अवसर स्वयं महाप्रभु ने अपने भक्तों और आम जन को दर्शन देने के लिए निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि वह मंदिर जा रहे हैं, जहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के साथ-साथ गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य का भी आशीर्वाद लेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह महाप्रभु से ओडिशा, पूरे भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कामना की कि भारत निरंतर प्रगति करे और विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र बने।

पवित्र रथयात्रा के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भक्तों को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, सभी देशवासियों को महाप्रभु श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। श्रद्धा, भक्ति और आस्था से परिपूर्ण यह महापर्व देश में सद्भाव, सुख-शांति और खुशहाली लेकर आए, यही हमारी कामना है।

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