कोरबा मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र की मौत के बाद निगरानी प्रणाली की होगी समीक्षा

कोरबा 16 जुलाई। बालको क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में एक एमबीबीएस छात्र की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज कोरबा के छात्रावास की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। छात्र, अभिभावक और स्थानीय लोगों ने हॉस्टल में विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रवेश-निकास व्यवस्था और नियमित निगरानी प्रणाली को और प्रभावी बनाने की मांग की है।

मृतक छात्र मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में रहता था। हादसे के बाद यह सवाल सामने आया कि दुर्घटना से एक रात पहले वह छात्रावास में मौजूद था या नहीं। इस संबंध में हॉस्टल वार्डन ने तत्काल स्पष्ट जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि रजिस्टर और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकेगी।

उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद छात्रावास में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति दर्ज करने और उनकी गतिविधियों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि हॉस्टल में प्रवेश और बाहर जाने के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उनका मानना है कि यदि छात्रों की नियमित उपस्थिति दर्ज की जाए और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए, तो सुरक्षा के साथ-साथ अनुशासन भी बेहतर होगा।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब मेडिकल कॉलेज के छात्रावास की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। कुछ समय पहले कॉलेज के एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद भी हॉस्टल प्रबंधन, विद्यार्थियों की काउंसलिंग और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई थीं। अब सड़क दुर्घटना में छात्र की मौत के बाद एक बार फिर छात्रावास की व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग उठने लगी है।

बाहर रह रहे छात्रों की भी होगी जांच
जानकारी के अनुसार, कुछ विद्यार्थियों ने हॉस्टल में कमरे आवंटित करा रखे हैं, लेकिन वे बाहर रह रहे हैं। यदि ऐसा पाया जाता है तो छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों का सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे वास्तविक जरूरतमंद छात्रों को भी हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

झगरहा स्थित परिसर से संचालित हो रहा कॉलेज
मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में वर्ष 2022 से 2025 बैच तक के छात्र अध्ययनरत हैं। कॉलेज का संचालन फिलहाल झगरहा स्थित आईटी कॉलेज परिसर से किया जा रहा है, जहां छात्रावास की व्यवस्था भी संचालित है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के मद्देनजर सुरक्षा, अनुशासन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग लगातार उठ रही है।

वार्डन ने क्या कहा?
हॉस्टल वार्डन ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाला छात्र छात्रावास में रह रहा था। हालांकि, घटना से एक रात पहले उसकी उपस्थिति के संबंध में रिकॉर्ड देखने के बाद ही पुष्टि की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में आने-जाने का समय निर्धारित है और रात 10 बजे के बाद किसी भी छात्र को बाहर जाने की अनुमति नहीं होती। वार्डन ने यह भी कहा कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी छात्र ने हॉस्टल में कमरा आवंटित कराने के बावजूद बाहर रहना शुरू कर दिया है, तो ऐसे मामलों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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