चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल से जुड़े 3 अलग-अलग मामलों में अपराध दर्ज

साइबर ठगी में इस्तेमाल संदिग्ध म्यूल बैंक अकाउंट के खाताधारक के खिलाफ भी मामला दर्ज
कोरबा 14 जुलाई। कोरबा साइबर पुलिस ने “सजग कोरबा-सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (सीएसएएम) से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की है। इसके साथ ही साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे एक संदिग्ध म्यूल बैंक अकाउंट के खाताधारक के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कुल 4 एफआईआर दर्ज होने से साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पतले एवं साइबर नोडल अधिकारी नीतीश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना ने यह कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार गृह मंत्रालय की साइबर टिपलाइन से प्राप्त शिकायतों के आधार पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल (सीएसएएम) से जुड़े तीन मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन प्रकरणों में डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से मिली शिकायतों की जांच के दौरान एक ऐसा बैंक खाता सामने आया, जिसमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर होना पाया गया। जांच में खुलासा हुआ कि इस खाते के खिलाफ छत्तीसगढ़ सहित बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
प्रथम दृष्टया इस बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम के लेनदेन यानी म्यूल अकाउंट के रूप में किए जाने की पुष्टि होने पर खाताधारक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन, खाताधारक और उससे जुड़े पूरे साइबर नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी के कहने या लालच में आकर अपना बैंक खाता खुलवाकर या किराए पर देकर साइबर अपराधियों का माध्यम न बनें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस या नजदीकी थाने को दें।
