पुस्तक वितरण में अव्यवस्था को लेकर भड़का अशासकीय विद्यालय संघ, जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कोरबा 27 जून। छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को कोरबा में निजी विद्यालय संचालकों ने पाठ्यपुस्तकों के वितरण में हो रही अव्यवस्था से नाराज है. उसने कोरबा में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले कई वर्षों तक राज्य के सभी विद्यार्थियों को निरूशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण विद्यालय स्तर पर सुचारु रूप से होता रहा, लेकिन वर्ष 2025-26 से वितरण व्यवस्था में बदलाव के बाद निजी विद्यालयों को छह डिपो के माध्यम से पुस्तकों का वितरण किया जाने लगा। इससे समय पर पुस्तकें नहीं मिल सकीं और स्कूलों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय दुबे ने बताया कि पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की हठधर्मिता, लापरवाही और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली के कारण शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है। पिछले वर्ष कई विषयों की पुस्तकें सत्र समाप्ति तक उपलब्ध नहीं हो सकीं। वहीं पुस्तकों पर बारकोड लगाकर स्कैनिंग की नई व्यवस्था लागू करने से वितरण प्रक्रिया और अधिक विलंबित हो गई. निगम प्रबंधन के साथ हुई बैठक में आगामी सत्र से विद्यालय स्तर पर पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान सत्र 2026-27 में भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। सरकारी विद्यालयों को भी 15 जून तक आंशिक पुस्तकें ही मिल सकी हैं, जबकि अशासकीय विद्यालयों को 21 जुलाई तक डिपो के माध्यम से वितरण की व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है।
संगठन ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से प्रारंभ हो चुका है और बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित हैं। ऐसे में यदि जुलाई के अंत तक भी विद्यार्थियों को पूरी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होती हैं तो उनकी पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित होगी। संगठन ने राज्य सरकार से दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए समयबद्ध और विद्यालय स्तर पर पुस्तक वितरण की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
