पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति में देरी पर निजी स्कूल संचालकों का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

कोरबा 25 जून। छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय प्रबंधक संघ, जिला कोरबा के बैनर तले निजी स्कूल संचालकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने पाठ्यपुस्तकों के वितरण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून से हो चुकी है, लेकिन अब तक अधिकांश विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनका आरोप है कि पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में भी पाठ्यपुस्तक निगम की लापरवाही के कारण कई विषयों की किताबें सत्र समाप्त होने तक नहीं मिल सकी थीं।

ज्ञापन में कहा गया है कि इस वर्ष भी सरकारी स्कूलों में पुस्तकों का वितरण पूर्ण नहीं हुआ है, जबकि निजी विद्यालयों के लिए 21 जुलाई तक वितरण की व्यवस्था बनाई गई है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और पाठ्यक्रम पूरा करने में कठिनाई आ रही है। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित हैं। ऐसे में समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

निजी स्कूल संचालकों ने मांग की है कि पाठ्यपुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा पूर्व की तरह निजी विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

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