पर्यावरण मानकों की अनदेखीः सड़क किनारे खुले में फेका जा रहा राखड़

कोरबा 24 जून। जिले में राखड़ परिवहन और उसके सुरक्षित निस्तारण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिवहन नियमों और पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी करते हुए खुले में राखड़ डंप किए जाने का मामला सामने आया है। ताजा मामला राष्ट्रीय राजमार्ग-130 से लगे ग्राम पंचायत परला का है, जहां सडक किनारे बड़ी मात्रा में राखड़ फैला दी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार राखड़ परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्टर द्वारा नियमों की अनदेखी कर सडक किनारे खुले में राखड़ डंप की गई है। इससे पहले गुरसिया क्षेत्र में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब परला में हुई डंपिंग ने प्रशासनिक निगरानी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौके की तस्वीरों में राजमार्ग के किनारे लंबी दूरी तक राखड़ का ढेर दिखाई दे रहा है। इससे न केवल पर्यावरणीय प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है, बल्कि सडक सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।विशेषज्ञों के मुताबिक खुले में पड़ी राखड़ के सूक्ष्म कण हवा के साथ आसपास के वातावरण में फैलते हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियां, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं बारिश के दौरान यही राखड़ आसपास की भूमि और जल स्रोतों को भी प्रभावित कर सकती है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खुले में डंप राखड़ दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच उडने वाली धूल दृश्यता को प्रभावित करती है, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सडक किनारे इतनी बड़ी मात्रा में राखड़ डंप किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की। पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा से जुड़े विभागों की निष्क्रियता को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई तथा सडक किनारे डंप राखड़ को तत्काल हटाने की मांग की है।
