जिनका कोई लेना-देना नहीं, वे जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी न करें: भारत की दो टूक

नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को यूरोपीय यूनियन (ईयू) और पाकिस्तान के बीच आठवीं रणनीतिक वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख को पूरी तरह से खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें भारत के अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में भारत का रुख दोहराते हुए कहा, “हम कहना चाहेंगे कि हम भारत के अंदरूनी मामलों पर संयुक्त बयान में ऐसे बेवजह के उल्लेख को पूरी तरह से खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। जिन लोगों का ऐसे मामलों में कोई लेना-देना नहीं है, उन्हें इन पर कोई भी टिप्पणी करने से बचना चाहिए।” विदेश मंत्रालय का यह बयान सोमवार को पाकिस्तान और ईयू के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि इस्लामाबाद ने जम्मू-कश्मीर पर यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी, जबकि ईयू की तरफ से पाकिस्तानी पक्ष को यूक्रेन युद्ध के बारे में जानकारी दी गई।
संयुक्त बयान में लिखा था, “पाकिस्तानी पक्ष ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर जानकारी दी। ईयू की तरफ से रूस के यूक्रेन के विरुद्ध युद्ध के बारे में जानकारी दी गई।”
पिछले महीने चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख को भी भारत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया था। उसमें भी कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के अभिन्न व अविभाज्य हिस्से हैं और किसी दूसरे देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
