तमिलनाडु के CM विजय का विपक्ष पर पलटवार, विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विपक्षी पार्टियों द्वारा उन पर लगाए गए विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज कर दिया और मुख्य प्रतिद्वंद्वियों द्रमुक और अन्नाद्रमुक पर गुप्त रूप से “लूट के लिए सरकार बनाने” का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जितना अधिक द्रमुक उनकी आलोचना करेगी, उतना ही यह टीवीके के लिए फायदेमंद होगा। मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली रैली को संबोधित कर विजय ने अपनी सरकार को आम आदमी की सरकार बताया और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर आरोप लगाया कि वे उन्हें सरकार बनाने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
विपक्ष के लगाए विधायकों की खरीद-फरोख्त (हार्स ट्रेडिंग) के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने इसे एक झूठी कहानी बताया और द्रमुक को “बुराई की ताकत” और अन्नाद्रमुक को “खर्चीली ताकत” कहा। उन्हें सत्ता में आने से रोकने के लिए विजय ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी द्रमुक और अन्नाद्रमुक एक साथ आए और एक नाटक किया।
चुनाव परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद यह लगभग पांच दिनों तक चला और यह राजनीतिक नाटक की चरम सीमा थी जिसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या वास्तव में ऐसा हो सकता है। जैसे-द्रमुक और अन्नाद्रमुक एक सामान्य प्रतिद्वंद्वी को सत्ता में आने से रोकने के लिए एकजुट हो सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों द्रविड़ पार्टियों ने सौदेबाजी की और गुप्त रूप से सरकार बनाने का प्रयास किया ताकि लूट की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक की “परिवार राजनीति” अप्रैल 23 के विधानसभा चुनाव में द्रविड़ियन प्रमुख की हार का कारण थी। टीवीके समर्थकों का मजाक उड़ाने पर विजय ने कहा कि जो लोग पहले द्रमुक और अन्नाद्रमुक को वोट देते थे, उन्होंने ही अब उनकी पार्टी को स्पष्ट बहुमत से जिताया है। उन्होंने यह भी खारिज किया कि लोग केवल उनके “सिनेमा आकर्षण” के लिए वोट देते हैं।
