समझौता अभी दूर है पार्टनर: अमरीका यूरेनियम और ईरान होर्मुज पर अड़ा

तेहरान/वाशिंगटन. अमरीका-इस्राइल ईरान के बीच प्रस्तावित 60 दिन के युद्ध विराम के मसौदे पर सहमति नहीं बन सकी है। राष्ट्रपति डॉनल्ड टंप समझौते पर अंतिम फैसले को लेकर बैठक करने के बाद भी कोई निर्णय नहीं ले सके। वहीं तेहरान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बाकेई ने कहा कि अभी किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा कि नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखकर अमरीका कूटनीति के साथ विश्वासघात कर रहा है। वहीं समझौता न हो पाने को लेकर माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ईरानी परमाणु कार्यक्रम को होर्मुज से टोल वसूलने की जिद पकड़े है। वहीं आईआरजीसी ने कहा है कि ईरान ने बिना शर्त होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमति नहीं जताई है। इस बीच ईरान का संवर्धित यूरेनियम कजाकिस्तान में रखने की भी चर्चा शुरू हुई है।
बड़े सैन्य ऑपरेशन की फिराक में अमरीका
यूएस नेवी सेंट्रल कमांड और यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के लिए चेतावनी जारी की है कि वहां जल्द अमरीकी सेना अभियान शुरू करेगी। ईरान पर खतरनाक समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने का भी आरोप है। इन गतिविधियों पर अमरीकी बल उसे निशाना बनाएंगे। शुक्रवार को ट्रंप ईरान से समुद्री माइन हटाने के लिए कह चुके हैं।
यूएई ने भी किए थे ईरान पर हमले
अमरीकी अखबार ने दावा किया है कि सीजफायर की घोषणा के बाद यूएई ने ईरान में जवाबी हवाई हमले कर रिफाइनरी, केशम व अबू मूसा द्वीप, बंदर अब्बास पोर्ट और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया था।
