त्रिपुरा में बारिश और आंधी का कहर, 61 घर क्षतिग्रस्त, करंट लगने से युवक की मौत

अगरतला. पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. राज्य के अलग-अलग इलाकों में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण कम से कम 61 घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. प्रशासन ने लोगों को अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में फिर से बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है.
पुलिस और राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मृतक की पहचान 32 वर्षीय Subhash Sarkar के रूप में हुई है, जो पश्चिम त्रिपुरा जिले के सदर क्षेत्र का निवासी था. बताया जा रहा है कि भारी बारिश के दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है.
राज्य आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार तेज बारिश और तूफान के कारण राज्यभर में कुल 61 मकान प्रभावित हुए हैं. इनमें दो मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 18 घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा 41 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. कई जगह पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें सामने आई हैं. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. विभाग के अनुसार पश्चिम त्रिपुरा, उत्तर त्रिपुरा, उनाकोटी, धलाई, सिपाहीजला और खोवाई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है.
पिछले महीने भी त्रिपुरा को भारी बारिश और आंधी-तूफान का सामना करना पड़ा था. अप्रैल के अंतिम सप्ताह में राज्य में औसतन 133.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. धलाई जिले के कमालपुर में सबसे अधिक 283 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सिपाहीजला जिले के बिश्रामगंज में 278 मिलीमीटर और खोवाई जिले में 230 मिलीमीटर बारिश हुई थी.
उस दौरान लगातार बारिश और तूफान के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे. भारी बारिश से 243 परिवार बेघर हो गए थे. राज्यभर में 4,191 मकानों और 659 स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा था. प्रशासन को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाना पड़ा था.
मौजूदा मौसम को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की अपील की गई है. विशेष रूप से बिजली के खंभों, खुले तारों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत टीमों को तुरंत तैनात करने की तैयारी की गई है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम अस्थिर बना रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
